फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना क्षेत्र के पखना रेलवे रोड स्थित ठेके की देशी शराब पीने के बाद शनिवार को एक ग्रामीण की मौत हो गई और तीन लोग बीमार हो गए। घटना से गुस्साए लोगों ने ठेके से शराब की पेटियां बाहर निकालकर आग के हवाले कर दीं और तिराहे पर जाम लगा दिया। अधिकारियों ने मृतक के आश्रितों को 5.30 लाख रुपये मुआवजे का आश्वासन देकर बवाल शांत कराया। पुलिस ने मृतक की जेब से मिलीं शराब की शीशियों को जांच के लिए भेजा है।
थाना नवाबगंज के गांव घुरऊ शादीनगर निवासी आनंद राजपूत (35) और दनियापुर निवासी उनके रिश्तेदार प्रेमसागर (40) तथा घुरऊ शादीनगर के ही जयनेंद्र (36) व प्रभात (30) ने शनिवार दोपहर करीब 12 बजे ठेके से शराब ली। लोगों का आरोप है कि शराब जहरीली थी। पीते ही तीनों की हालत बिगड़ गई। आनंद की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी तीनों को लोहिया अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देख प्रभात और जयनेंद्र को भर्ती कर लिया। थोड़े इलाज के बाद हालत सुधरने पर प्रेम सागर को घर भेज दिया गया।
घटना की सूचना फैलते ही इकट्ठे हुए ग्रामीणों ने उपद्रव शुरू कर दिया। इसकी जानकारी पाकर अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, एडीएम आरबी सोनकर, एसडीएम रमेशचंद्र यादव और मोहम्मदाबाद व मेरापुर का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। एसडीएम ने मृतक के परिजनों को किसान बीमा योजना से पांच लाख और पारिवारिक भरण-पोषण योजना से 30 हजार रुपये देने की घोषणा की। इस पर लोगों ने एक घंटे से लगा जाम खोल दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। शराब ठेका, एटा जिले के कस्बा अलीगंज निवासी महेश सिंह का है। पखना निवासी निशांत कुमार सेल्समैन है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने लाइसेंसी शराब ठेके से शराब पी थी। जांच कराई जा रही है। ठेकेदार को तलब किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चल जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसपी सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि मिलावटी शराब की आशंका में ठेकेदार और सेल्समैन के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।