कानपुर। हनुमंत विहार में बीरू सिंह भदौरिया (37) को पीटने, छत पर लिटाकर कार दौड़ाने और बाद में रौंदने के मामले में गुरुवार सुबह परिजन और ग्रामीणों ने सागर हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। थाने में पुलिस पर अभद्रता और जब्त कार को क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। एसीपी नौबस्ता के आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद जाम खुला। इस दौरान नौबस्ता-हमीरपुर मार्ग पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं।
बीरू के पिता रामशंकर और भाई कुलदीप के मुताबिक, गुरुवार सुबह परिवार के सात से आठ लोग हनुमंत विहार थाने पहुंचे थे। वहां आरोपियों की जब्त कार खड़ी थी, जिसका शीशा टूटा और अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त था। आरोप है कि पुलिस ने कार को क्षतिग्रस्त कर वारदात को हादसा दिखाने की कोशिश की। परिजन ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप भी लगाया। इसकी जानकारी होने पर सैकड़ों ग्रामीण फ्रीजर में रखे शव को लेकर गल्लामंडी स्थित थाने के बाहर पहुंचे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक लेन पर महिलाएं और दूसरी पर पुरुष शव रखकर प्रदर्शन करने लगे।
सूचना पर एसीपी नौबस्ता अभिषेक कुमार राहुल समेत सर्किल के थानों का पुलिस बल पहुंचा। एसीपी ने गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाने, चालक समेत दो आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर लौट गए और दोपहर बाद ड्योढ़ी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
प्रदर्शन के कारण नौबस्ता से गल्लामंडी और बिधनू के आगे तक वाहनों की कतारें लग गईं। स्कूल बसें, कार्यालय जाने वाले लोग और एंबुलेंस भी फंसी रहीं। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि परिजन के प्रदर्शन से हाईवे पर जाम लगा था। कार्रवाई के आश्वासन के बाद सभी लौट गए।