Unnao News: प्रेम प्रसंग में बाधक बनने पर पत्नी की मदद से विदेश से लौटे प्रेमी व उसके दोस्त ने पति को मौत के घाट उतार दिया। चाकू से गला रेतकर शव सिल्ट भरे नाले में फेंका था।
दो दिन पहले गला रेतकर युवक की हत्या कर शव को सिल्ट भरे नाले में फेंकने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर किया है। युवक की हत्या की साजिश उसकी पत्नी और प्रेमी ने रची थी। प्रेमी ने अपने एक दोस्त की मदद से वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि प्रेमी के दोस्त की तलाश जारी है।
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गंगाघाट कोतवाली के मोहल्ला अखलाक नगर निवासी ई-रिक्शा चालक इमरान उर्फ काले की छह जुलाई की घर से पांच किमी दूर अचलगंज थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। सात जुलाई को अचलगंज थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे नाले की पुलिया पर लोगों ने खून फैला देखा तो शक हुआ। पुलिस ने जांच की तो सिल्ट भरे नाले में शव मिला था। शव की पहचान होने के बाद पुलिस खुलासे में जुटी थी।
मृतक व उसकी पत्नी शीबा के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो एक के बाद एक परतें खुलने लगीं। थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि मृतक इमरान के मोहल्ले से पता चला कि छह जुलाई की रात नौ बजे तुरकिया बदरका निवासी फरमान उर्फ चुन्ना अपने मोहल्ले के साथी रफीक के साथ इमरान को अपनी बाइक से कर्मी बिजलामऊ की ओर जाते देखा गया था। मृतक के बड़े भाई सलमान ने पूछताछ के दौरान बहू शीबा पर शक जताया तो पुलिस ने उस दिशा में जांच शुरू की। पता चला कि शीबा पहले से शादीशुदा थी। तीन साल पहले शीबा ने इमरान से दूसरी शादी की थी, दोनों के एक बेटी है। भाई ने 18 जून को सऊदी अरब से लौटे फरमान के शीबा के घर आने-जाने की जानकारी भी दी।
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पूछताछ में घटना की सच्चाई सामने आई
पुलिस ने शीबा से पूछताछ शुरू की तो वह पहले गुमराह करने का प्रयास करती रही। बाद में सर्विलांस की मदद से जब शीबा और फरमान के बीच रोज घंटों बातचीत की पुष्टि हुई तो पुलिस ने फरमान को उठाया और पूछताछ में घटना की सच्चाई सामने आ गई। शीबा ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी सफीपुर में हुई थी। उसने तीन साल पहले पति को छोड़ दिया और इमरान के साथ रह रही थी। इमरान नशे का लती हो गया था और ई-रिक्शा चलाकर जो भी कमाता था नशे में खर्च कर देता था। पति से झगड़ा होने पर वह छह महीने से अपने मायके में रह रही थी। छह महीने पहले उसकी मुलाकात फरमान से हुई। फरमान सऊदी अरब में काम करता है और पैसे वाला है। दोनों में नजदीकी हो गई। फिर फरमान विदेश चला गया, लेकिन इस दौरान भी वह दोनों फोन पर बात करते रहे।
18 जून को फरमान साथी रफीक के साथ विदेश से लौटे और फिर दोनों का मिलना जुलना शुरू हो गया। इमरान को इसकी जानकारी हुई तो उसने शीबा को पीटा और अपने घर चलने को कहा। मायके में मुलाकात में हो रही परेशानी को देखते हुए फरमान के कहने पर ही शीबा पति के घर चली गई, फरमान ने इमरान से नजदीकी बढ़ाई और घर आने-जाने लगा। इसके बाद शीबा ने फरमान के साथ मिलकर इमरान को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। फरमान ने अपने साथी तुर्किया बदरका निवासी रफीक को भी शामिल कर छह जुलाई की रात शराब पिलाने के बाद हत्या कर दी, लेकिन पुलिया पर फैला खून घटना का गवाह बन गया और दोनों सलाखों के पीछे चले गए।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि सात जुलाई की शाम फरमान ने अपने साथी रफीक के माध्यम से इमरान को लखनऊ-कानपुर हाईवे पर मिलने के लिए बुलाया। दोनों ने इमरान को पहले चरस पिलाई फिर अधिक मात्रा में शराब पिलाई, अधिक नशे में होने पर बाइक में बीच में बैठाकर सिटी ड्रेन की पुलिया पर आए। सुनसान देख दोनों ने मिलकर इरफान को पहले सड़क पर पटक दिया, बाद में फरमान ने उसकी गर्दन पर चाकू से वार किया। इमरान ने बचाव में हाथ से चाकू पकड़ ली, इससे उसकी हाथों की नस भी कट गईं। बाद में दोनों ने उसका गला रेत कर शव पुलिया के नीचे दलदल में फेंक कर भाग निकले। आगे जाकर हत्या में प्रयुक्त चाकू को झाड़ियों में फेंक दिया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। एसओ ने बताया कि हत्या के बाद दोनों विदेश भागने की फिराक में थे। जिसमें शीबा और फरमान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, रफीक अभी फरार है। वह विदेश न भाग पाए इसके लिए लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है।