मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मई में तापमान ऊपर-नीचे जाने का रिकॉर्ड बनाएगा। आंधी-पानी आने की वजह से मई का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड नीचे भी आ सकता है और जब मौसमी सिस्टम बनेगा तो खूब गर्मी भी पड़ेगी। बीते तीन दिनों में हवाओं का मिजाज भी बदला हुआ नजर आ रहा है। मौसमी विज्ञानी इसका कारण प्रशांत महासागर में अल नीनो के सक्रिय होने को मान रहे हैं।
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एकीकृत पूर्वानुमान मौसम केंद्र के नोडल अधिकारी वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल सिंह का कहना है कि मई में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा नीचे जाएगा। साथ ही सामान्य से ज्यादा गर्मी भी होगी। इस महीने में सामान्य से अधिक बारिश का भी अनुमान है। मध्य यूपी, बुंदेलखंड समेत अन्य इलाकों में अधिक बारिश होने का अनुमान है। मौसम दोनों छोर पर चरम पर रह सकता है। मई के पहले 10 दिन तापमान कम रहेगा। इसके बाद गर्मी बढ़ना शुरू होगी।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि इस महीने हर सप्ताह मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। अल नीनो प्रभाव मानसून के समय चरम पर रहेगा। इस वजह से मानसून के कमजोर रहने की संभावना है। अल नीनो प्रभाव के दौरान प्रशांत महासागर की सतह गर्म हो जाती है। साथ ही हवाओं के मिजाज में भी बदलाव नजर आ रहा है।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
अरब सागर से नमी अधिक लेने की वजह से जेट स्ट्रीम हवाओं ने पहाड़ी इलाकों के बजाय मैदानी क्षेत्रों का रुख कर लिया। अब ये हवाएं सामान्य रूट पर आ गईं। हवाओं के रुख से मौसम में बदलाव आता है। अप्रैल के महीने उत्तर पश्चिमी हवाएं चलती हैं।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इन्हीं की वजह से ठंड होती है और गर्मी भी। जब ये हवाएं हिमालयीय ठंडक लेकर आती हैं तो पारा गिरता है, ठंड पड़ती है। इसके बाद ये ही हवाएं राजस्थान के थार मरुस्थल से गर्मी लाती हैं और लू चलती है।
सीएसए के मौसम विभाग के नोडल और तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इस बार 18 दिन उत्तर पश्चिमी, पांच दिन दक्षिण पश्चिमी और दो दिन उत्तर पूर्वी, तीन दिन दक्षिण पूर्वी और दो दिन पश्चिमी हवाएं चली हैं। इससे मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।