सुरक्षा एजेंसियों की जांच पड़ताल में पता चला कि उमर हलमंडी से आतंकियों की दिन में कई बार बात होती थी। पकड़े न जाएं इसके लिए हमेशा व्हाट्सएप कॉल का ही इस्तेमाल किया जाता था।
लखनऊ से पूर्व में पकड़े गए अलकायदा समर्थित गजवातुल हिंद संगठन के आतंकियों मिनहाज व मुशीरूद्दीन अपने हैंडलर उमर हलमंडी को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से कोड वर्ड में रेकी करते थे। अपनी प्लानिंग से लेकर सभी सूचनाएं इसी तरह पहुंचाते थे।
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हैंडलर ने उन्हें गजवातुल हिंद के लिए काम करना फक्र की बात बताई थी। सुरक्षा एजेंसियों की जांच पड़ताल में पता चला कि उमर हलमंडी से आतंकियों की दिन में कई बार बात होती थी। पकड़े न जाएं इसके लिए हमेशा व्हाट्सएप कॉल का ही इस्तेमाल किया जाता था।
आतंकियों ने बताया कि हलमंडी बातचीत के दौरान अक्सर उनका ब्रेनवॉश करता था। हैंडलर ने बताया था कि भारत पर सिर्फ गजवातुल हिंद संगठन ही अपना पताका फहरा सकता है। अलकायदा के बाद अब गजवातुल हिंद ही सबसे बड़ा संगठन है। इसके लिए हजारों लोग काम कर रहे हैं।
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उमर ने उन्हें बताया था कि यदि जिहादी लड़ाई में कोई शहीद भी हो जाता है तो सीधे जन्नत नसीब होगी। आतंकियों ने एजेंसियों को बताया कि हैंडलर उमर से मिलने वाले मैसेज को वे कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणासी आदि शहरों में उनके लिए काम कर रहे लोगों तक पहुंचाते थे।