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सिविल कोर्ट भर्ती परीक्षा दे रहे थे मुन्ना भाई तभी पहुंच गई एसटीएफ, साफ्टवेयर से ऐसे करते थे खेल

Mon, 21 Jan 2019 09:14 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर जिले में रविवार को हुई सिविल कोर्ट स्टाफ भर्ती (ग्रुप डी) परीक्षा में एसटीएफ ने दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते दो सॉल्वरों को धर दबोचा। परीक्षा केंद्र के बाहर से सॉल्वर गैंग के सरगना को भी पकड़ लिया। सरगना और दोनों सॉल्वर कन्नौज के ही रहने वाले हैं और कन्नौज के ही अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। एसटीएफ ने आरोपियों से मिले फर्जी दस्तावेज और कार जब्त की है। पूछताछ के बाद तीनों को गोविंद नगर पुलिस के हवाले किया गया है। फरार दोनों अभ्यर्थियों की तलाश शुरू कर दी है।
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गोविंद नगर स्थित खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र था। सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे की प्रथम पाली की परीक्षा थी। करीब 9:45 बजे एसटीएफ लखनऊ की टीम कॉलेज पहुंची। स्कूल में मौजूद प्रेक्षक न्यायिक अधिकारी राकेश पटेल को सॉल्वर के परीक्षा देने की जानकारी दी। परीक्षा खत्म होते ही टीम ने कॉलेज के हॉल नंबर तीन की पहली लाइन की तीसरी सीट पर बैठे अभिनव यादव को दबोच लिया। 

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छिबरामऊ, कन्नौज निवासी अभिनव कुलदीप यादव की जगह परीक्षा दे रहा था। कुलदीप बजरिया जाफरखां फर्रुखाबाद का रहने वाला है। इसके बाद कॉलेज के बाहर घूम रहे सुभाष नगर, छिबरामऊ, कन्नौज निवासी गैंग के सरगना अमित कुमार उर्फ राहुल यादव को भी धर दबोचा। उसकी ईको स्पोर्ट्स कार भी जब्त कर ली। अभिनव से पूछताछ के बाद टीम उसे गुजैनी स्थित एचपी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज ले गई।

परीक्षा खत्म हो चुकी थी लेकिन प्रिंसिपल संजय कुमार से बात कर किसी अभ्यर्थी को बाहर नहीं निकलने दिया गया था। टीम ने यहां से अभिनव की निशानदेही पर साथी आदित्य यादव को पकड़ा। आदित्य मझपुरवा तालगांव छिबरामऊ का रहने वाला है। वह विसन्दुआ, सरैया कन्नौज निवासी अवनीश यादव की जगह परीक्षा दे रहा था। प्रेक्षक न्यायिक अधिकारी एकता वर्मा को घटना की जानकारी देने के बाद टीम सभी को लेकर निकल आई। एसटीएफ अब अभ्यर्थी कुलदीप व अवनीश यादव के अलावा सॉल्वर गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में है। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि एसटीएफ लखनऊ की टीम ने गोविंद नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
 

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पांच मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक बिना नंबर की कार, तीन एटीएम कार्ड, अमित का ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम, वोटर कार्ड, कुलदीप यादव के नाम पर वोटर कार्ड व आधार कार्ड, अवनीश के नाम का आधार व वोटर कार्ड। 

सॉफ्टवेयर से तैयार कराते आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे लोग अपने जानने वालों और रिश्तेदारों की मदद से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों की तलाश करते हैं। फिर मोटी रकम लेकर उनके स्थान पर सॉल्वर को परीक्षा देने के लिए बैठाते हैं। अभ्यर्थी की फोटो सॉल्वर से मैच कराने के लिए सॉफ्टवेयर के जरिए अभ्यर्थी व सॉल्वर की फोटो मिक्स कराकर फर्जी आईडी तैयार करवा लेते हैं। सॉल्वरों ने पूछताछ में अमित उर्फ राहुल को गैंग का सरगना बताया। कहा कि अमित के कहने पर ही वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर सॉल्वर बनकर परीक्षा देते थे।
 
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सरगना अमित ने बताया कि कन्नौज और आसपास के जिलों के लोगों से प्रतियोगी परीक्षा में सॉल्वर बैठाने के लिए परीक्षा के मुताबिक दो से चार लाख रुपये लेता था। इस परीक्षा में दोनों अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने के लिए दो-दो लाख रुपये वसूले थे। इसमें 90 हजार रुपये उसने अपने एचडीएफसी बैंक खाते में जमा कराए थे। बाकी रकम नगद ली थी। दोनों सॉल्वरों को एक-एक लाख रुपये परीक्षा में बैठने के लिए दिए थे।

अभिनव बीटेक कर चुका है। नौकरी न मिलने और कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में वह कन्नौज के सॉल्वर गैंग से जुड़ गया। अभिनव ने एसटीएफ को गैंग से जुड़े कई लोगों के नाम व पते बताए हैं। गैंग एसएससी, रेलवे की ग्रुप डी समेत कई परीक्षाओं में सॉल्वर बैठा चुका है।
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