उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) कानपुर के निलंबित मुख्य अभियंता (परियोजना) अरुण मिश्रा ने बीते करीब चार माह से आरोप पत्र ही नहीं लिया है। यूपीसीडा प्रबंधन की ओर से मिश्रा को आरोप पत्र देने की लगातार कोशिश की जा रही है, इसके बावजूद अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। अब यूपीसीडा प्रबंधन की ओर से सार्वजनिक सूचना के जरिए मिश्रा को खुद ही आरोप पत्र लेने के निर्देश दिए गए हैं। 15 दिनों (कार्य दिवस) के अंदर स्पष्टीकरण या कोई उत्तर न देने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात भी कही गई है।
यूपीसीडा के मुख्य अभियंता अरुण मिश्रा को वित्तीय अनियमितताओं, बिना अनुमति औद्योगिक क्षेत्रों के भू-उपयोग परिवर्तन और ऑफिस से गायब रहने के आरोप में 16 अप्रैल 2018 को तत्कालीन एमडी रणवीर प्रसाद ने निलंबित कर दिया था। मिश्रा को फैजाबाद क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एमपी अग्रवाल को मामले की जांच का अधिकारी नामित किया गया था।