प्रदेश के छोटे उद्योगों को तकनीक रूप से दक्ष कर बाजार में लाने के लिए आईआईटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर, एमएसएमई और निर्यात विभाग के बीच रविवार को एमओयू हुआ है। इससे आईआईटी के स्टार्टअप्स को सरकारी योजनाओं का लाभ जल्दी मिलेगा। प्रदेश के छोटे-छोटे स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक तकनीक के साथ मेंटर के रूप में आईआईटी के वैज्ञानिकों का सहयोग मिलेगा।
लखनऊ में आयोजित युवा कॉनक्लेव कार्यक्रम में आईआईटी के डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. तरुण गुप्ता, एसआईआईसी के प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. दीपू फिलिप, पीयूष मिश्रा आदि की उपस्थिति में यह समझौता हुआ। प्रो. तरुण गुप्ता ने बताया कि समझौते का उद्देश्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। छोटे-छोटे स्टार्टअप की बदौलत प्रदेश में उत्पादन बढ़ेगा।