कानपुर। यूपी एसआई भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन रविवार को पहली पाली में पंजीकृत 19,440 अभ्यर्थियों में से 14,029 ने परीक्षा दी और 5411 अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में पंजीकृत 19,440 अभ्यर्थियों में से 14,304 उपस्थित रहे, जबकि 5136 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा में प्रदेश के कई जिलों के अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र पर काफी देर तक चर्चा की।
कई अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर में सामान्य ज्ञान के कुछ ऐसे सवाल भी पूछे गए जो बेहद बुनियादी स्तर के थे। प्रश्नपत्र में भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन थे जैसा बेहद सरल प्रश्न भी था। गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर में स्कूल स्तर के प्रश्न पूछे गए, जिनमें पॉक्सो अधिनियम के तहत किस आयु वर्ग के बच्चों को संरक्षण दिया गया है। दिल्ली सल्तनत की एकमात्र महिला शासक कौन थीं और तस्मानिया द्वीप राज्य किस देश में स्थित है। अधिकतर का कहना था कि निगेटिव मार्किंग न होने की वजह से उन्होंने पूरा प्रश्नपत्र हल किया है। कुछ अभ्यर्थी परीक्षा की मेरिट पर भी बात करते नजर आए।
160 प्रश्नों का पेपर संविधान-मूलविधि, हिंदी, गणित व रिजनिंग विषय मिलाकर कुल चार खंडो में विभाजित था। परीक्षा के दौरान जिले के 53 केंद्रों पर सेक्टर मजिस्टे्रट व स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी रही।
गोविंद नगर स्थित मोहन विद्या मंदिर, खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज समेत कई केंद्रों में चेकिंग के दौरान कलावा उतरवाए गए। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा के दौरान पहने गए धार्मिक चिह्न जैसे कलावा, मंगलसूत्र न हटवाने के निर्देश देने की बात स्पष्ट की है। शिकायत पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही है।
रायबरेली से आए अभ्यर्थी आदित्य बाजपेयी ने बताया कि गणित के सवालों ने उलझाया जबकि हिंदी के सवाल आसान आए। वहीं, दूसरे अभ्यर्थी प्रमोद यादव ने बताया कि पेपर आसान था। सभी प्रश्न आसानी से हल लिए। कुछ सवालों में औसत से अधिक समय लगा। प्रयागराज से आए बुद्धि सागर मिश्रा बताया कि छह महीने से तैयारी छूटी थी। बस परीक्षा में बैठना था, लेकिन जब पेपर देखा तो बहुत खुश हुआ। जीएस व हिंदी सरल रही, पूरा प्रश्न पत्र हल किया है। वहीं, झींझक से आईं मनीषा के अनुसार पहले से कोचिंग की और तैयारी पूरी थी 140 प्रश्न हल किए।