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ACP का अफेयर: एक और बड़ा खुलासा... मोहसिन करता था अश्लील मैसेज, साइबर सेल ने रिकवर की छात्रा की पुरानी चैट

Mon, 23 Dec 2024 01:54 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

एसीपी मोहसिन आईआईटी की छात्रा को अश्लील मैसेज करता था। एसआईटी ने साक्ष्य जुटाए हैं। साइबर सेल ने पीएचडी छात्रा के फोन से एसीपी के साथ हुई चैट रिकवर की है।
 
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UP PPS Mohsin khan - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसीपी मोहसिन खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली आईआईटी की पीएचडी छात्रा की पुरानी चैट साइबर सेल ने रिकवर कर एसआईटी को दे दी है। सूत्रों का कहना है कि छात्रा और मोहसिन की चैट में केवल मोहसिन ने अश्लील बातें की हैं। 
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इसका जवाब कभी छात्रा ने अश्लील तरीके से नहीं दिया। कई टुकड़ों में मिली ये चैट्स मोहसिन की परेशानी बढ़ा सकती हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य विवेचना में मददगार साबित होंगे। फिलहाल सीडीआर और नए सबूतों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। 

उधर, पुलिस के आरोपी एसीपी पर कार्रवाई न करने की वजह से छात्रा परेशान है। उसका आरोप है कि एसआईटी ने सारे बयान भी दर्ज कर लिए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारी सिर्फ जांच की बात कर रहे हैं। 
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बता दें कि बीते गुरुवार को आईआईटी छात्रा ने पूर्व एसीपी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसीपी मोहसिन खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान व न्यायमूर्ति अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
 

यूपी पुलिस को किए गए ट्वीट के बाद महिला अफसरों ने आईआईटी छात्रा को न्याय का भरोसा दिलाया है। अब एसआईटी और पुलिस अफसर मामले की जांच को आगे बढ़ाने में जुट गए है।

 

यह था मामला
आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने 12 दिसंबर को कलक्टरगंज में तैनात रहे पूर्व एसीपी मोहसिन खान पर शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद एसीपी को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने मोहसिन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

आईआईटी से पीएचडी कर रही छात्रा ने कल्याणपुर थाने में एसीपी मोहसिन खान पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि एसीपी उससे तीन दिसंबर 2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे। इसके बाद जून 2024 में उससे संपर्क किया और आईआईटी कानपुर में पीएचडी में प्रवेश के लिए मदद मांगी। 

इस पर उनकी मदद की और योग्यता के आधार पर उन्हें प्रवेश मिल गया। बाद में दोनों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हो गए। इसी दौरान एसीपी ने अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी का वादा कर संबंध बनाया।

एसीपी ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की। याची के अधिवक्ता इरफान उल्ला व विनीत विक्रम ने दलील दी कि एफआईआर में छात्रा की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं। 
 
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उसे यह जानकारी थी कि मोहसिन शादीशुदा हैं तब भी उसने मर्जी से संबंध बनाए। वह पढ़ी-लिखी हैं। उसका यह कहना कि झांसा देकर संबंध बनाया गया, समझ से परे है। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद एसीपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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