जब से उत्तर प्रदेश में ब्लू व्हेल गेम से बच्चों की मौतों का सिलसिला शुरू हुआ है तभी से यूपी पुलिस सतर्क हो गई है। इसके लिए पुलिस ने एक योजना तैयार की है। जानिए क्या है इसमें खास...        बता दें ताजा मामला हमीरपुर में सामने आया था जहां चार दिन पहले मोबाइल पर गेम खेलने के बाद जयपुरिया स्कूल के छात्र ने फांसी लगा ली थी।  इसलिए पुलिस की निगाह में सबसे पहले यही इलाका आया है। मृतक छात्र के स्कूल में संपर्क साधा गया है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि उन बच्चों को काउंसिल किया जा सके जो ऐसे गेम के संपर्क में आए हों। इसके लिए स्कूल प्रशासन भी सतर्क हो गया है।   बुधवार को जयपुरिया स्कूल पहुंचे एसपी ने अभिभावकों, स्कूल टीचरों और छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग की और गेम से दूर रहने की नसीहत दी। इस मौके पर मृतक छात्र के पिता, ताऊ व चचेरी बहन भी मौजूद रहे।    हमीरपुर जिले के मौदहा नगर के चर्च कपांउड निवासी विक्रम सिंह का इकलौता पुत्र हर्षवर्धन उर्फ पार्थ कुछेछा स्थित जयपुरिया में कक्षा सात का छात्र था। पिछले रविवार को छात्र ने मोबाइल पर गेम खेलते-खेलते अपने कमरे का दरवाजा बंद कर फांसी लगा ली थी। मृतक के पास से टूटा मोबाइल मिला था।   पिता ने पुत्र की मौत के पीछे खतरनाक ब्लू व्हेल गेम बताया था। जिस पर पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा। इस घटना की जांच मौदहा कोतवाल पीके सिंह कर रहे हैं। वहीं एसपी दिनेश कुमार पी भी छात्र की मौत की वजह खंगाल रहे हैं। बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे एसपी जयपुरिया स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने अभिभावकों व स्कूल के टीचरों के साथ वार्ता की। एसपी ने अभिभावकों से कहा कि वह बच्चों को कतई स्मार्ट फोन न दें। बच्चा यदि जिद कर चोरी छिपे मोबाइल का प्रयोग करता है। तो उस पर कड़ी नजर रखें।    कौन कौन गेम के बारे में जानता है करीब 15 मिनट के साझा कार्यक्रम के बा एसपी ने कक्षा सात के छात्र-छात्राओं से पूछा कि कौन कौन गेम के बारे में जानता है। जिस पर कुछ बच्चों ने गेम के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की। जबकि कुछ ने गेम के बारे में जानकारी होने की बात कही। एसपी ने पूछा कि गेम की जानकारी कैसे मिली। इस पर छात्र ने कहा कि मां के व्हाट्सएप से। इसके बाद एसपी ने छात्रों से पूछा कि पार्थ ने कभी किसी गेम के बारे में चर्चा की। चर्चा में यह भी आया कि पार्थ कम बोलता था। एसपी ने सभी बच्चों को नसीहत दी कि स्मार्ट फोन से दूरी बनाए रखना चाहिए। साथ कहा कि इस खतरनाक गेम के संबंध में कोई लिंक वगैरह आता है तो उसे कतई न खोलें बल्कि अपने परिजनों को उसकी जानकारी दी।   एसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि ब्लू व्हेल गेम से भविष्य में कोई घटना न घटित हो। इसके  लिए बच्चों व अभिभावकों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बताया कि उन्होंने इसकी शुरुआत जयपुरिया स्कूल से की है। बताया कि यह जागरूकता कार्यक्रम जिले के अन्य स्कूल कॉलेजों में भी चलाया जाएगा।