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यूपी: यात्रियों को घर तक पहुंचने के लिए बदलनी पड़ रहीं कई ट्रेनें, 15 घंटे का सफर पूरा करने में लग रहे 40 घंटे

Sat, 07 Nov 2026 11:37 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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दिवाली पर अपनों के बीच पहुंचकर खुशियों के दीप जलाने की चाह रखने वाले यात्रियों के लिए घर की राह आसान नहीं रह गई है। ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत और जनरल कोच में भीड़ ने सफर को मुश्किल बना दिया है। हालात ऐसे हैं कि 15 घंटे में पूरा होने वाला सफर 40 घंटे तक खिंच रहा है। दिल्ली और बिहार से सात, आठ और नौ नवंबर को कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं मुंबई और बंगलूरू से आने वाली ट्रेनों में वेटिंग टिकट के लिए भी मारामारी है। ऐसे में यात्रियों को तीन-तीन ट्रेनें बदलकर घर पहुंचना पड़ रहा है।
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दिवाली रविवार को और इसके बाद भाईदूज है। ऐसे में दूसरे शहरों में नौकरी और कारोबार करने वाले लोग परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए अतिरिक्त छुट्टी लेकर निकले हैं। लेकिन ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेष ट्रेनों के संचालन के बावजूद नियमित ट्रेनों में यात्रियों का दबाव कम नहीं हो रहा है। ट्रेनों में भीड़ के बीच जनरल कोच की सीटों पर कब्जे की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। यात्रियों का आरोप है कि सीमांचल एक्सप्रेस में साइड पैंट्री कार में काम करने वाले कुछ लोग जनरल कोच की सीटों पर कब्जा कर लेते हैं।
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यात्री परवेज आलम के मुताबिक सीट पर बैठने के नाम पर यात्रियों से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। आरोप है कि सीटों को एसी कोच की चादरों से चारों तरफ ढक दिया जाता है, जिससे बाहर से यह पता नहीं चल पाता कि अंदर कौन बैठा है और सीट पर किसका कब्जा है।

तीन ट्रेनें बदलकर पहुंचेंगे सीवान
इस बार दिल्ली से सीवान स्थित घर पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं लग रहा है। पहले दिल्ली से कानपुर, फिर गोरखपुर और वहां से सीवान के लिए ट्रेन पकड़नी होगी। तीन ट्रेनों का सफर पूरा करने के बाद ही परिवार के बीच पहुंच सकेंगे। - विकास कुमार

झांसी से फर्रुखाबाद पहुंचने में लगेगा पूरा दिन
झांसी से फर्रुखाबाद जाने के लिए कानपुर सेंट्रल पर इंतजार करना पड़ रहा है। सेंट्रल स्टेशन से फर्रुखाबाद के लिए अगली ट्रेन चार घंटे बाद है। ऐसे में प्लेटफार्म पर ही समय बिताना पड़ रहा है। इस तरह घर पहुंचने की राह में एक दिन गुजर जाएगा। - अंकित कुमार
 
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