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UP: इस जिले में एक पते पर दर्ज मिले 4,271 मतदाता, एक दिन पहले यहां दो मकान नंबरों पर मिले थे 428 वोटर; खुलासा

Wed, 17 Sep 2025 12:04 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, महोबा

सार

यूपी के महोबा में एक पते पर 4,271 मतदाता दर्ज मिले हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण में इसका खुलासा हुआ है। एक दिन पहले ग्राम पंचायत पनवाड़ी में दो मकान नंबरों पर 428 मतदाता मिले थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान महोबा के कस्बा जैतपुर में मतदाता सूची में बड़ी गड़बडी सामने आई है। एक ही मकान नंबर पर 4,271 मतदाता दर्ज मिले हैं। मामला सामने आने के बाद बीएलओ की ओर से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जांच भी शुरू कर दी गई है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए इस समय राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत जैतपुर में जब बीएलओ अभियान के दौरान डोर-टू-डोर पहुंचे तो वार्ड नंबर तीन से आठ तक एक ही मकान नंबर 803 में 4,271 मतदाता दर्ज पाए गए हैं। 

यह मतदाता क्रमांक 2,283 से 6,969 तक दर्ज हैं। तब बीएलओ रश्मि ने एसडीएम कुलपहाड़ को इसकी जानकारी दी। इससे पहले ग्राम पंचायत पनवाड़ी में एक मकान नंबर में 243 तो दूसरे मकान में 185 मतदाता दर्ज मिले थे। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं।
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सवालों के घेरे में मतदाता सूची, शुद्धता पर उठ रहे प्रश्न
महोबा। जनपद महोबा में पंचायत चुनाव को लेकर चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान आए दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से एआई से कराई गई जांच में 1,06,542 संभावित डुप्लीकेट मतदाता सामने आ चुके हैं।

इसका भी सत्यापन का काम चल रहा है। 29 सितंबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम चलेगा। एक घर में बड़ी-बड़ी संख्या में वोटर मिलने से मतदाता सूची सवालों के घेरे में आ गई है और उसकी शुद्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पिछले पुनरीक्षण में बीएलओ ने नहीं दिया ध्यान
वर्तमान में पंचायत चुनाव को लेकर बीएलओ डोर-टू-डोर सर्वे कर रहे हैं। वर्ष 2021 की मतदाता सूची में नाम जोड़ने, मृतकों के नाम हटाने व संशोधन का काम किया जा रहा है। सूची में मकान नंबर एक प्रकार की त्रुटि है। गांव में मकान नंबर अमूमन नहीं होता है।
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वर्ष 2021 में जब मतदाता सूची का पुनरीक्षण हुआ होगा, उसमें बीएलओ की ओर से यह ध्यान नहीं दिया गया और लोगों के मकान का एक ही नंबर डाल दिया गया। उनका सत्यापन कराया जा रहा है। वोटर उसी ग्राम पंचायत के हैं। यह एक मानवीय त्रुटि है। इसे दुरुस्त करने के लिए संशोधन की कार्यवाही की जा रही है। -कुंवर पंकज, अपर जिलाधिकारी, महोबा
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