पुलिस ने खोजबीन की लेकिन छात्रा का कोई पता नहीं चला। खोजबीन के दौरान छात्रा की मां ने सात मई को कोतवाली महोबा में बेटी का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए छतरपुर के पठा लवकुश नगर निवासी मोहित, अंकित और संतराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मां ने बताया था कि आरोपी पहले भी उसकी बेटी के साथ छेड़खानी कर चुके हैं। जिसकी प्राथमिकी महिला थाना छतरपुर में दर्ज है। इसी रंजिश में युवकों ने फिर से उसकी बेटी का अपहरण किया है।
16 मई को कोतवाली पुलिस ने छात्रा को बरामद किया था लेकिन आरोपी नहीं पकड़े गए थे। 17 मई को संपर्ण समाधान दिवस में छात्रा के परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर बयान दर्ज करने में लापरवाही करने का आरोप लगाया था। साथ ही पुलिस पर आरोपी पक्ष का सहयोग करने का आरोप था। पुलिस ने युवती का बयान दर्ज करने के बाद न्यायालय में उसका बयान कराया। छात्रा ने बताया कि 30 अप्रैल की शाम को चार पहिया सवार कुछ लोग उसके पास आकर रुके और दो-तीन लोग नीचे उतरे जबकि कुछ अंदर बैठे थे। उसे जबरदस्ती कार के अंदर खींच लिया गया और फिर उसके साथ जबरदस्ती की। रास्ते में उसे इंजेक्शन लगाए गए। आरोपी उसे कहां ले गए, उसे नहीं पता चला। उसे बंधक बनाए रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई और इंजेक्शन दिया गया।
13 मई को उसे प्रयागराज ले जाया गया, जहां एक आरोपी युवक ने मोबाइल में उसके भाई की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि एक व्यक्ति, भाई के पीछे लगाया गया है और अगर तुमने शादी नहीं की तो तुम्हारे भाई की हत्या कर दी जाएगी। यह धमकी देकर उस पर शादी का दबाव डाला गया। पीड़िता ने बताया कि उसके शरीर पर चाकू व सिगरेट के दागने के भी निशान हैं। इस दौरान उसके फोटो और वीडियो भी बनाए गए।
युवती के न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए हैं। उसके आरोपों के आधार पर कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिन्हें शीघ्र ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। अन्य आरोपियों की गिरफ्तार के लिए एसओजी, सर्विलांस समेत चार टीमों का गठन किया गया है। शीघ्र ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। - वंदना सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, महोबा