इसी बीच आरोप लगा कि चंदेल के दो मत पत्र स्पष्ट नहीं थे, फिर भी उन्हें गिनती में जोड़ लिया गया, जबकि वेणु के ऐसे मतों को नहीं गिना गया। इसको लेकर ही भाजपा के पोलिंग एजेंटों व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोबारा मतगणना कराने की मांग शुरू कर दी।
हंगामा बढ़ता देखकर निर्वाचन विभाग ने फिर से मतगणना की घोषणा की, तब जाकर मामला शांत हुआ। इसकी वजह से करीब ढाई घंटे तक मतगणना प्रभावित रही। संभावना है कि परिणाम शुक्रवार सुबह ही आएगा। पांडु नगर के आईटीआई परिसर में बने मतगणना स्थल पर सुबह आठ बजे से शिक्षक एमएलसी की मतपेटियों को खोला गया। पहले मतपत्रों के 25-25 के बंडल बनाए गए।
इसके बाद 14 टेबलों पर 10-10 मत पत्रों के बंडल की गिनती शुरू हुई। शाम करीब सात बजे तक प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी हो गई। इसमें निर्दलीय शिक्षक प्रत्याशी राजबहादुर सिंह चंदेल करीब पांच हजार वोट पाकर सबसे आगे थे, जबकि दूसरे नंबर के लिए भाजपा के वेणुरंजन भदौरिया और निर्दलीय प्रत्याशी हेमराज सिंह गौर के बीच लड़ाई थी।
मतगणना पूरी होने पर चंदेल और वेणु को मिले मतों के बीच का अंतर अधिक होने की वजह से भाजपा पोलिंग एजेंटों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद बाकी कार्यकर्ता भी पहुंच गए। इन लोगों का आरोप है कि राजबहादुर सिंह चंदेल के दो मत ऐसे थे, जिनमें वरीयता क्रमांक स्पष्ट नहीं था लेकिन उनके मतों को वैध करार दिया गया। वेणु रंजन भदौरिया के जब अस्पष्ट क्रमांक लिखे मत पत्र मिले तो निरस्त कर दिया गया। इसे लेकर विवाद बढ़ गया।
500 मत पत्र अवैध मिले
मतों की गिनती से पहले जब 25-25 के बंडल बनाकर अवैध मतपत्रों को छांटा गया तो उसमें करीब 500 मत अवैध मिले। यह ऐसे मत पत्र थे, जिसमें किसी में एक से अधिक प्रत्याशियों के सामने लिखा हुआ था, तो कई में कुछ और लिख दिया गया था। रिटर्निंग ऑफिसर की समीक्षा के बाद अवैध मत पत्रों को प्रत्याशियों को दिखाकर खारिज कर दिए गए। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे से प्रथम वरीयता के मतों की गिनती शुरू हुई।
प्रथम वरीयता में किसी को नहीं मिला कोटे का मत
निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों ने बताया कि प्रथम वरीयता के मतों की गिनती के बाद किसी को भी कोटे के तहत मत प्राप्त नहीं हुए हैं। ऐसे में द्वितीय वरीयता के मतों की गणना की जाएगी। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए देर रात तक परिणाम आने की संभावना नहीं है।
मत पेटी से निकला अलग मतपत्र, हंगामा
शिक्षक एमएलसी की मतगणना के दौरान टेबल नंबर 12 में तय मानक से छोटा बैलेट पेपर निकलने पर एजेंटों ने हंगामा काटा। जिलाधिकारी ने पहुंचकर पत्र की जांच की तो अलग बैलेट पेपर निकला। सबकी सहमति से उसे गिनती से बाहर कर दिया गया।