10 मई को परिजन की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जांच में हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के मनकी गांव निवासी कामता निषाद और पत्नी किरन पर संदेह हुआ। पूछताछ में सामने आया कि किरन और विजय के बीच करीब आठ माह से प्रेम-प्रसंग था।
पति को जानकारी होने पर वह गुजरात से नौकरी छोड़कर गांव लौट आया। पति-पत्नी के बीच प्रेम-प्रसंग की बात पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर विजय की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार आठ मई को किरन ने फोन कर विजय को घर बुलाया।
यहां पहले से मौजूद पति कामता ने लकड़ी के चौखट से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। शव को घर में छिपाकर रखा गया। देर रात शव को ठिकाने लगाने के लिए बोरे में भरा गया लेकिन गर्मी अधिक होने के कारण हाथ-पैर अकड़ गए। इसके बाद दंपती बाजार से ग्राइंडर मशीन खरीदकर लाए और हाथ-पैर घर में ही काटे। शव को कानपुर क्षेत्र के रेउना थाना क्षेत्र के तहरापुर गुरैया जंगल में ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया गया।
आरोपियों ने विजय का मोबाइल, पैनकार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और चश्मा भी नष्ट कर खेतों में छिपा दिया था। पुलिस ने कॉल डिटेल और अंतिम लोकेशन की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
जांच में सामने आया है कि विजय का किरन देवी से प्रेम-प्रसंग था। इसे लेकर पति कामता प्रसाद निषाद उससे रंजिश रखता था। आठ मई को किरन ने विजय को घर बुलाया। यहां पहले से मौजूद कामता प्रसाद ने लकड़ी के चौखट से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद ग्राइंडर मशीन से हाथ-पैर काटकर शव को बोरे में भरकर पेट्रोल डालकर जंगल में जला दिया था। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी