उन्नाव जिले के चकलवंशी में खेलने के दौरान दोस्त को गिल्ली लगने और पिता की डांट के डर से किशोर ने मालगाड़ी के आगे आकर जान दे दी। रात में किशोर का सिर व धड़ पटरी पर अलग-अलग मिलने से सनसनी फैल गई। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
बड़ी बहन ने एसओ को आत्महत्या की वजह की जानकारी दी है। एसओ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है। कोरारी कला गांव निवासी सुरेश राठौर का 13 वर्षीय इकलौता बेटा नैंसू शनिवार की शाम गांव के हमउम्र साथियों के साथ गिल्ली-डंडा खेल रहा था।
खेल-खेल में गिल्ली साथी को लग गई, जिस पर दोनों में विवाद हो गया। गिल्ली लगने से आहत साथी ने नैंसू के घर जाकर उसकी बड़ी बहन नैंसी से शिकायत की। नैंसी मौके पर पहुंची और भाई को फटकार लगाते हुए पिता से शिकायत करने की बात कही।
परिजनों की डांट के डर से नैंसू वहां से भाग गया। रात लगभग 9 बजे उसका शव बालामऊ-कानपुर रेलमार्ग पर 16/11 खंभा के पास रेलवे पटरी पर मिला। सिर और धड़ अलग देख उसके द्वारा आत्महत्या किए जाने की चर्चा फैल गई। सूचना पर परिजनों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची।
इकलौते बेटे का शव देख मां मुन्नी देवी व पिता सुरेश का कलेजा कांप गया। बहन नैंसी वहीं बेसुध हो गई। पुलिस ने फील्ड यूनिट टीम की मदद से जांच की। टीम ने भी मौका मुआयना के बाद किशोर द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही।
एसओ संतोष सिंह ने बताया कि साथी को गिल्ली लगने और परिजनों की डांट के डर से मालगाड़ी के आगे लेटकर किशोर ने जान दी है। बहन नैंसी ने घटना की जानकारी देकर कारणों को भी सामने रखा है। आरोप जैसी कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।