हरदोई में उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इससे निपटने की तैयारी प्रदेश में 27 जनवरी से ही शुरू हो गई थी।
रविवार को जिले की अलग-अलग न्यू पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेले का निरीक्षण करने आए स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कोरोना वायरस पीड़ितों के कुल 84 मामले पूरे देश में सामने आए हैं, जिनमें से 13 उत्तर प्रदेश के हैं।
यूपी के सभी पीड़ित तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश के मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों को मिलाकर करीब 1400 बेडों का इंतजाम कर आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं।
लखनऊ मेडिकल कालेज, अलीगढ़ मेडिकल कालेज और बनारस मेडिकल कालेज में सैंपलिंग केंद्र बन चुके हैं और जल्द ही गोरखपुर में भी सैंपलिंग केंद्र बन जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस विदेश से आया है और इसलिए एहतियात बरती जा रही है।
नेपाल और उत्तर प्रदेश के 19 प्रवेश बिंदुओं (इंट्री प्वाइंट्स) पर चार-चार चिकित्सकों की टीम 24-24 घंटे के लिए तैनात कर रखी है। 14 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 18 हजार की स्क्रीनिंग हवाई अड्डों पर की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि मास्क और सेनेटाइजर की भी जरूरत नहीं है। सामान्य साबुन से भी हाथ धोकर इससे बचा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में न तो एयरपोर्ट बंद किए गए हैं और न ही मॉल और बाजार।
मांग बढ़ने के कारण मास्क कम मिल रहे हैं। औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि मास्क अधिक मूल्य पर न बिकने दिए जाएं। इस दौरान सीएमओ डॉ. एसके रावत, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रशांत रंजन, संडीला सीएचसी अधीक्षक डॉ. शरद वैश्य भी मौजूद रहे।