पुलिस हिरासत में आरोपी बट्टन व मनोज
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माती जेल में बंद मध्यप्रदेश के कड़िया सांसी गिरोह के सदस्य की कूट रचित दस्तावेज पर जमानत लेने के मामले में पुलिस ने तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। शनिवार को पुलिस ने दो जमानतगीरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों चंद रुपयों के लालच में जेल में बंद शातिरों की जमानत लेते थे।
एएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि रूरा थानाध्यक्ष अमित शुक्ला ने शनिवार को टीम के साथ तिगाईं के पास घेराबंदी कर इकघरा निवासी बट्टनलाल व भिखनापुर निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में बट्टनलाल ने बताया कि वह व मनोज आर्थिक लाभ के लिए जेल में बंद आसपास के जिलों व दूसरे प्रांतों के अपराधियों की एक ही जमीन के कागजात लगाकर जमानत लेते थे। जमीन को अधिक दर्शाने के लिए कूट रचित दस्तावेज भी बनवा रखे थे।
दोनों ने सिकंदरा की एसबीआई शाखा में चोरी करने के मामले में माती जेल में बंद मध्यप्रदेश के अशोकनगर (टीकमगढ़) जिले के मुंगवाली थाना क्षेत्र के तलैया निवासी अंशू सांसी उर्फ अंशू सिसौदिया की जमानत में अपने कागज लगाए थे। जमानत करवाने के एवज में मिलने वाले रुपयों से वह अपने शौक पूरे करते हैं। आरोपी मनोज ने बताया कि वह एक्सीडेंट के मामलों में असली वाहन चालक के स्थान पर स्वयं को चालक दर्शा कर अपना ड्राइविंग लाइसेंस लगाकर लाभ अर्जित करता था। वह अब तक सात दुर्घटना के मामलों में अपना ड्राइविंग लाइसेंस लगा चुका है।
सत्यापन के बाद भी राजस्व कर्मी नहीं पकड़ पाए दस्तावेजों में हेराफेरी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कोर्ट से जमानत स्वीकृत होने पर पहले राजस्व विभाग की ओर से जमानत कर्ता के कोर्ट में पेश किए गए भूमि के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद पुलिस की ओर से जमानत कर्ता के जीवित होने व गांव के निवासी होने आदि की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाती है। पुलिस की छानबीन में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी जमीन भाइयों के बीच बंटवारा होने से पहले की खतौनी का प्रयोग करते थे और जमानत के दौरान संबंधित जमीन पर पूर्व में कोई जमानत न लिए जाने का शपथ पत्र दाखिल कर कोर्ट को भ्रमित करते थे। अंशू सांसी की जमानत के मामले में सत्यापन करने पहुंची पुलिस की छानबीन में दोनों का भंडाफोड़ हो गया। आरोपी बट्टनलाल अभी तक एक जमीन पर 22 लोगों की जमानत ले चुका है जबकि मनोज ने 17 लोगों की जमानत ली है। हैरत की बात तो यह है कि इतनी बार एक ही व्यक्ति की जमीन का सत्यापन करने के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारी आरोपियों के कूटरचित दस्तावेजों को नहीं पकड़ सके। सूत्रों की मानें तो जमानत के कई मामलों में जिम्मेदार मौके पर स्थलीय निरीक्षण की वजह दफ्तर में बैठकर ही रिपोर्ट लगा देते हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की छानबीन में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार जिले में यह पहला मामला है जिसमें अनजान व्यक्तियों की धन अर्जित करने के लालच में जमानत करने वालों पर कार्रवाई की गई। एएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि आरोपियों के गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, इसको लेकर छानबीन की जा रही है। इसके साथ ही एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देश पर अभियान का शुरू कर ऐसे लोगों की जांच की जाएगी जो कई कई लोगों की जमानत ले रखे हैं। कहीं उनकी ओर से कागजों में कोई हेरफेर या फिर रुपयों के लालच में जमानत तो नहीं भरी है। यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
बट्टनलाल व मनोज धन अर्जित करने के लालच में अनजान लोगों की जमानत लेकर अपराधियों को जेल से रिहा करवाने का कार्य कर रहे थे। दोनों ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर कोर्ट को भी भ्रमित किया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। वहां से दोनों को जेल भेजा गया है। आरोपियों का भंडाफोड़ करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। - राजेश पांडेय, एएसपी