कानपुर कचहरी परिसर के कंटेनमेंट जोन में होने के बावजूद वहां सरकारी कार्यालय खुले लेकिन न्यायालय बंद हैं। इसे जिला प्रशासन की दोहरी नीति बताकर बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में कहा कि कचहरी परिसर में स्थित डीएम, रजिस्ट्रार कार्यालय, तहसील के अलावा डीएम के क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी कार्यालय खुले हैं जबकि सीएमओ की रिपोर्ट को आधार मानकर न्यायालय बंद कर दिए गए हैं। उर्सला के पास स्थित आयकर व जिला पूर्ति कार्यालय भी खुले हैं।
इसके अलावा शहर के सभी प्रतिष्ठान, दुकानें व कारखाने नियमानुसार खुल रहे हैं लेकिन न्यायालय बंद होने से लगभग दस हजार अधिवक्ताओं के सामने आर्थिक संकट है। पुलिस-प्रशासन मनमाना रवैया अपना रहे हैं जिससे वकील और वादकारी परेशान हैं। अधिवक्ताओं, वादकारियों व समाज के हित को देखते हुए न्यायालय खोलने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में गणेश दीक्षित, सुरेंद्र वाजपेई, रामेंद्र कटियार, नदीम रऊफ खान, जितेंद्र सिंह तोमर, देवेंद्र शर्मा, बलजीत यादव, राकेश तिवारी आदि रहे।
4 से धरना देंगे अधिवक्ता
बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व महामंत्रियों की ओर से गणेश कुमार दीक्षित ने नगर मजिस्ट्रेट को पत्र भेजा है। इसमें सरकारी कार्यालय खोलने और न्यायालय बंद रखने की जिलाधिकारी की दोहरी नीति के खिलाफ चार जुलाई से अधिवक्ताओं ने धरना देने की घोषणा की है।