कानपुर में फर्जी मुठभेड़ मामले में कोर्ट के आदेश के बाद जेल से रिहा हुए कल्याणपुर उन्नयन बस्ती के चचेरे भाइयों के माता-पिता ने पुलिस की कारस्तानी बताई। उन्होंने बताया कि कपड़े खरीदने गए चचेरे भाइयों को पुलिस ने गोली मारी थी।
पांच साल पहले चचेरे भाई घर से कपड़े खरीदने गए थे, पुलिस उन्हें जबरन पकड़कर अर्मापुर के जंगल में ले गई। पहले अमित को निशाना साध फायर किया तो गोली उसके पैर को छूते हुए निकल गई। उसके बाद कुंदन को लिटाकर उसके पैर का मांस खींचकर गोली मार दी।
विज्ञापन
फिर हवाई फायर कर दोनों को तमंचा पकड़ाकर पुलिस ने फोटो खिंचवा ली। पुलिस की यह कारस्तानी कुंदन की मां गंगा देवी व पिता चंदन सिंह और अमित के पिता गेंदा लाल व मां जीता देवी ने बताई। यह सब बताते समय उनकी घबराहट साफ महसूस की जा सकती थी।
फर्जी मुठभेड़ के मामले में कल्याणपुर उन्नयन बस्ती निवासी कुंदन सिंह और अमित सिंह को दोषमुक्त कर दिया गया है। बुधवार को कुंदन सिंह को रिहा कर दिया गया, जबकि अमित पहले से जमानत पर चल रहा था। कुंदन की मां गंगा देवी ने रो रोकर बताया कि परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए।
विज्ञापन
पुलिस ने चचेरे भाइयों पर जबरन आठ मुकदमे लाद दिए। 80 वर्षीय गेंदा लाल ने बताया कि पुलिस की झूठी रिपोर्ट से उनका घर बर्बाद हो गया। अमित घर का इकलौता बेटा है। उसी की कमाई से घर चल रहा था।
Trending Videos
उसके जेल जाने के बाद बहू और बच्चे घर छोड़कर चले गए। पांच साल कैसे कटे बता पाना मुश्किल हैं। बोले, जब दोनों ने कोई गुनाह किया तो भी उनपर इतना जुल्म ढाया गया।
पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर गोली चला दी
अमित कुछ दिन पहले ही जमानत पर आया था, तब से अपनी पत्नी और बच्चों को तलाशने में लगा है। उस पर कभी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, इसके बावजूद पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर गोली चला दी। वहीं, बताया कि दहशत में कुंदन अपनी ससुराल इलाहाबाद चला गया है।
यह है मामला
पुलिस के मुताबिक, 21 अक्तूबर 2020 को नजीराबाद थाना प्रभारी ज्ञान सिंह मरियमपुर चौराहे पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार कल्याणपुर निवासी कुंदन और अमित उधर से गुजरे। बाइक रोकने का इशारा करने पर दोनों भाग निकले। सूचना पर अर्मापुर पुलिस ने भी पीछा किया।
इसके बाद केंद्रीय विद्यालय के पास दोनों को घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी। हालांकि इस घटना में दिखाया गया बरामद तमंचा कोर्ट में वर्ष 2014 में पहले ही सीन किया जा चुका था।