फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: नामी कंपनियों के लेवल लगाकर नकली घी बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी, पुलिस ने संचालक को हिरासत में लिया

Thu, 12 Feb 2026 07:04 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
नकली घी फैक्टरी पर छापेमारी करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अबाबकपुर गांव में नामी कंपनी के मिलावटी घी के धंधे का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली देसी घी बनाने वाली एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। मौके से करीब 1,080 लीटर मिलावटी घी, बड़ी मात्रा में कच्चा माल, मशीनें और फर्जी पैकिंग सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने फैक्टरी चलाने वाले एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


क्षेत्र में स्थित घी बनाने वाली कंपनी नमस्ते इंडिया के अधिकारियों को सूचना मिली कि अबाबकपुर गांव में एक फैक्टरी में नकली देसी घी तैयार किया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। जब टीम फैक्टरी पहुंची, तो एक युवक मिलावटी घी बनाते हुए पाया गया पूछताछ में उसने अपना नाम राजबहादुर यादव पुत्र सिद्धेश्वर यादव बताया। मौके से वजन मापने की मशीनें, सीलिंग और पैकिंग मशीनें, अलग-अलग ब्रांडों के फर्जी लेबल और पैकिंग रैपर, प्लास्टिक जार और पाउच (100 एमएल से 5 लीटर तक) बरामद किए गए। जांच में पता चला कि फैक्टरी में घी के नाम पर रिफाइंड ऑयल और गैर-डेयरी पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि आरोपी राज बहादुर ने अधिक कमाई के लालच में यह अवैध धंधा शुरू किया था।

ये सामान बिल्हौर में धड़ल्ले से है बिकता
चौबेपुर औद्योगिक क्षेत्र में नामी कंपनी के घी की ही नहीं बल्कि कई नामी कंपनी के क्लोन लेवल पर डिटर्जेंट, साबुन आदि के साथ फेवीकोल, पेंट आदि के कई इलाके दूर-दूर तक दुकानदारों को मालूम हैं। होली-दीवाली आते ही ऐसे नक्काल एडवांश बुकिंग कराकर होम-डिलीवरी मगवाते हैं। बिल्हौर के गदनपुर चोरसा में नकली शराब की फैक्टरी करीब वर्ष पहले पकड़ी जा चुकी हैं। नकली मोबिल, तारकोल के साथ लालपुर में नकली पेट्रोल-डीजल की फैक्टरी भी पकड़ी जा चुकी है, जब कि मकनपुर में समरसेबल पंप, टीवी, बैटरी, एलईडी बल्ब, पंखा सहित कई प्रकार के नामी इलेक्ट्रानिक उत्पादों के सामान धड़ल्ले से डी कहकर बेचे जाते हैं। इलाके की कई बड़ी दुकानों में नामी कंपनियों के डी यानि डुप्लीकेट कहकर बेचें जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें