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UP Election 2017 : चाैथे चरण की वाेटिंग खत्म, देखिए किस शहर में पड़े कितने वाेट

Thu, 23 Feb 2017 10:58 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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उत्तर प्रदेश चुनाव 2017
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बुंदेलखंड के सात जनपद सहित यूपी के 12 जिलों की 53 विधानसभा सीटों के लिए गुरूवार काे चाैथे चरण का मतदान संपन्न हाे गया। चाैथे चरण में कुल 60.37 प्रतिशत मतदान हुआ।
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  निर्वाचन आयोग के अनुसार चौथे चरण में एक करोड़ 84 लाख मतदाता कुल 680 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर सकेंगे। इलाहाबाद शहर उत्तरी सीट पर सबसे ज्यादा 26 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं खागा (फतेहपुर), मंझनपुर (कौशाम्बी) और कुंडा (प्रतापगढ़) में सबसे कम छह-छह उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 2012 में चौथे चरण की इन 53 सीटों पर हुए चुनाव में सपा को सर्वाधिक 24 सीटों पर सफलता मिली थी, जबकि बसपा ने 15, कांग्रेस ने 6, भाजपा ने 5 तथा पीस पार्टी ने 3 सीटें जीती थीं। इन क्षेत्रों में साल 2012 के विधानसभा चुनाव में 60.20 प्रतिशत मतदान हुआ था। 

 चौथे चरण के चुनाव में पूरे क्षेत्रों को 1643 सेक्टरों को बांटा गया था। सभी सेक्टरों में एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। 2090 माइक्रो ऑब्जर्वर मतदान में अपनी पैनी नजर रखी। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिए 51 सामान्य ऑब्जर्वर तैनात किए थे। संवेदनशील मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी व वेब कास्टिंग कराई गई।
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इन जिलों हुअा मतदान
जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, रायबरेली व चित्रकूट,प्रतापगढ़, कौशाम्बी, इलाहाबाद
इन‌ जिलों में इतने प्रतिशत हुआ मतदान-

किस जिले में कितना हुआ मतदान
जिला        मतदान प्रतिशत
इलाहाबाद    54.48
बांदा        59.22
चित्रकूट    60.39
फतेहपुर    59.24
हमीरपुर    61.50
जालौन        57.67
झांसी        65.60
कौशाम्बी    54.83
ललितपुर    71.44
महोबा        64.95
प्रतापगढ़    54.73
रायबरेली     60.33  

116 में सबसे ज्यादा इस पार्टी के हैं दागी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017
चाैथे चरण के 680 उम्मीदवारों में 116 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) ने चौथे चरण के लिए 98 राजनीतिक दलों के 680 उम्मीदवारों के हलफनामे का विश्लेषण किया। इसमें छह राष्ट्रीय दल, पांच प्रांतीय दल के अलावा 87 गैर-मान्यता प्राप्त दलों के अलावा 200 निर्दलीय उम्मीदवार हैं।

एडीआर ने कहा कि 680 उम्मीदवारों में से 116 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। 95 उम्मीदवारों ने हलफनामे में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी है। एडीआर ने कहा कि भाजपा के 19, बसपा के 12, रालोद के नौ, सपा के 13, कांग्रेस के आठ और 24 निर्दलीय उम्मीदवारों ने हलफनामे में आपराधिक मामले की जानकारी दी है।

 

189 करोड़पति उम्मीदवार हैं मैदान में

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017
एडीअार के रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘680 उम्मीदवारों में से 189 करोड़पति हैं। बसपा के 53 में से 45 उम्मीदवार करोड़पति हैं, भाजपा के 48 में से 36 उम्मीदवार, सपा के 33 में से 26, कांग्रेस के 25 में से 17, रालोद के 39 में से 6 और 200 निर्दलीय में से 25 उम्मीदवार करोड़पति हैं। उप्र चुनाव के चौथे चरण में लड़ रहे उम्मीदवारों की औसत संपत्ति एक करोड़ 90 लाख रुपए है.
 

इन दिग्गजाें की किस्मत दांव पर

इन दिग्गजाें की किस्मत दांव पर
1.चौथे फेज के प्रमुख चेहरों में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या का नाम भी शामिल है। वह कुंडा से निर्दलीय सीट पर लड़ रहे हैं। राजा भैय्या कुंडा से निर्दलीय विधायक हैं और अखिलेश सरकार में मंत्री हैं। वह लगातार 5 बार निर्दलीय कैंडिडेट के रूप में कुंडा विधानसभा से जीत चुके हैं।

2.अदिति सिंह कांग्रेस की तरफ से रायबरेली सदर से लड़ रही हैं। वह रायबरेली के बाहुबली नेता अखिलेश सिंह की बेटी हैं। उन्होंने लंदन से एमबीए किया है।

3.इलाहाबाद पश्चिम सीट से पूजा पाल बीएसपी की तरफ से लड़ रही हैं। वह बसपा विधायक हैं और बाहुबली सपा नेता अतीक अहमद को हरा चुकी हैं। पूजा पाल के पति विधायक थे अाैर उनकी हत्या कर दी गई थी।

4.रामपुर खास से कांग्रेस की तरफ से आराधना मिश्रा लड़ रही हैं। वह कांग्रेस के वरिष्ट नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। प्रमोद का यहां से लगातार 9 बार जीतकर रिकॉर्ड बना चुके हैं।

5.मेजा से बीजेपी की सीट पर नीलम करवरिया लड़ रही हैं। नीलम बाहुबली उदयभान करवरिया की पत्नी हैं। उनके पास 4.63 करोड़ रुपए के 8 बंगले और फ्लैट हैं।

6.ऊंचाहार से बीजेपी की तरफ से उत्कर्ष मौर्य लड़ रहे हैं जो कि स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे हैं। स्वामी बसपा से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए हैं।

7. इलाहाबाद शहर पश्चिमी से ही पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती सिद्धार्थनाथ सिंह अाैर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह भी चुनावी मैदान में हैं। 

8. सपा के वरिष्ठ नेता अाैर सांसद रेवती रमण सिंह के बेटे उज्ज्वल रमण सिंह (करछना) तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता गयाचरण दिनकर (नरैनी) से मैदान में हैं।

9. गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल तीसरी बार विधानसभा मैदान में हैं। वह चित्रकूट के मानिकपुर विधानसभा सीट से सपा-कांग्रेस गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले वे 2012 में मानिकपुर सीट से कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ीं, लेकिन हार गईं।

10. झांसी जिले के बबीना विधानसभा सीट पर सपा से राज्यसभा सदस्य डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव के पुत्र यशपाल सिंह मैदान में हैं। जबकि, भाजपा से उमा भारती के करीबी राजीव सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। यहां इन दोनों नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।  11. इलाहाबाद उत्तरी सीट से भाजपा ने पूर्व राज्यपाल राजेंद्र कुमार वाजपेयी के पौत्र हर्षवर्धन वाजपेयी एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। हर्षवर्धन पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनके सामने कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह तो बसपा के अमित श्रीवास्तव चुनाव मैदान में हैं।

12. बलरामपुर जिले के पट्टी सीट से सपा ने राम सिंह पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है। राम सिंह दस्यु ददुआ के भतीजे हैं। इनके पिता बालकुमार भी सांसद रह चुके हैं। भाजपा ने राजेन्द्र प्रताप को चुनाव मैदान में उतारा है। तीन बार विधायक और कृषि मंत्री रहे राजेन्द्र प्रताप की क्षेत्र में अच्छी साख है। बसपा से शक्ति सिंह ताल ठोक रहे हैं।

बांदा, जालौन में ईवीएम में गड़बड़ी

चित्रकूट के इस बूथ पर बिजली की समस्या
वोटिंग के दौरान कुछ जिलों में दिक्कतें भी देखने को मिल रही हैं। बांदा के बूथ नंबर 24 और जालौन के बूथ नंबर 481 में ईवीएम खराब होने से वोटिंग रोकनी पड़ी। उधर चित्रकूट के कर्वी जिले के एक मतदान बूथ पर अंधेरा होने से वोटर्स को दिक्कतें हो रही हैं। 
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मतदान बहिष्कार करने वालों ने किया परेशान

पोलिंग बूथ
आदर्श पोलिंग बूथ पर कम संख्या में लोगों के न आने से अधिकारी और कर्मचारी परेशान दिखे। उधर चित्रकूट में सदर विधान सक्षा के अंतर्गत पथरा गांव के 150 लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। इसी तरह नरैनी तहसील के माखनपुर के ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क न होने के कारण नाराजगी जताई और वोट नहीं डाला। बांदा के बारा तहसील ग्राम में भी कुछ गांव वालों ने जमीन पर कब्जे से नाराजगी जताते हुए मतदान बहिष्कार किया। 
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