सरकारी विद्यालय की रसोईघर में मृत कुत्ता पड़ा मिला। बदबू के कारण बच्चों का एमडीएम नहीं बन सका। ग्रामीणों ने प्रधानाचार्या पर समय से स्कूल न आने के आरोप भी लगाएं हैं। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाचार्या के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को लिखा है।
मौदहा विकासखंड के कुनहेटा के प्राथमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक कुत्ता रसोई घर में बंद हो गया। इसके बाद तीन दिनों तक विद्यालय बंद होने के कारण कुत्ता मर गया। चौथे दिन जब स्कूल खुला तो बदबू के कारण भी बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकी। इसके अलावा रसोई घर में मिड-डे मील भी नहीं बन सका। वहीं एक छात्र ने बताया कि प्रधानाचार्या ने कुत्ते के शव को फेंकवाने के लिए 50 रुपये का प्रलोभन भी दिया था। सहायक अध्यापिका रजनी ने बताया कि प्रधानाचार्य कविता न तो समय से विद्यालय आती है और न ही विद्यालय के कमरों में लगे तालों की चाबियां देती हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। ग्रामीण भारत कुमार यादव, पारस सैनी, बलवीर बुंदेलखंड नवनिर्माण सेवा के अध्यक्ष विनय तिवारी व अन्य स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से जांच की मांग की है।