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UP: ITBP जवान की मौसेरी बहन के बयान के साथ चार्जशीट पूरी, कहा- पट्टियों से कसा था हाथ, दर्द से कराह रही थीं

Wed, 10 Jun 2026 08:51 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आईटीबीपी जवान की मौसेरी बहन के बयान के साथ ही हाथ काटे जाने के मामले की चार्जशीट पूरी हुई।
 
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आईटीबीपी जवान की मां का हाथ कटने का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईटीबीपी जवान की मां का हाथ कटने के मामले में सभी पक्ष के बयान पूरे हो गए हैं। बुधवार को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो जाएगी। मंगलवार को जवान की मौसेरी बहन सविता ने रेल बाजार थाने पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। इसी के साथ मामले की चार्जशीट विवेचक ने पूरी कर ली है। इलाहाबाद से आई मौसेरी बहन ने पुलिस को बताया कि कृष्णा अस्पताल में मौसी का हाथ सफेद पट्टियों से कसा था और वह दर्द से कराह रही थीं...। इस पर उन्होंने ही चीखते हुए मौजूद कर्मियों से कहा था कि क्या मौसी को मार डालोगे... जल्दी उनकी पट्टियां खोलो। इसके बाद मौसी के हाथ की पट्टी खोली गई तो वह पूरा काला पड़ चुका था।
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बता दें कि 13 फरवरी को फतेहपुर निवासी आईटीबीपी जवान विकास ने अपनी मां निर्मला देवी को टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें सांस लेने में दिक्कत में थी लेकिन 24 घंटे के बाद ही उनके हाथ में सूजन आ गई थी और वह काला पड़ गया था। इसके बाद विकास मां को बिठूर के पारस अस्पताल ले गया जहां 17 मई को उनकी जान बचाने के लिए निर्मला का हाथ काटना पड़ा था। कमिश्नर से शिकायत पर रेलबाजार थाने में मामला दर्ज होने के बाद बीते चार-पांच दिनों से जांच और बयान लेने का सिलसिला चल रहा था।

मंगलवार की शाम छह बजे मामले में अंतिम बयान सविता के लिए गए
सविता के मुताबिक कृष्णा अस्पताल वालों ने कुछ गंभीर लापरवाही की थी जिसे छिपाने के लिए उन्होंने मौसी का पूरा हाथ पट्टियों से कस रखा था। सविता के अनुसार कृष्णा अस्पताल में जो हुआ तो हुआ बाकी कसर पारस अस्पताल वालों ने पूरी कर दी। इस कारण निर्मला मौसी को जीवन भर के लिए अपना एक हाथ गंवाना पड़ गया।

 
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रात तक चली नाम हटवाने की कवायद
दोनों अस्पताल के डॉक्टरों, स्टाफ और प्रबंधतंत्र को पता था कि सविता के बयान के बाद चार्जशीट पूरी हो जाएगी। लिहाजा देर रात तक अस्पतालों के सिफारिशी लोग थाने के चक्कर काटते रहे। हर कोई अपना नाम हटवाने के प्रयास में था। दोनों अस्पताल के लोग एक-दूसरे पर आरोप लगाकर दलीलें देते रहे। फिलहाल पुलिस ने दोनों अस्पताल प्रबंधतंत्र, डॉक्टर और स्टाफ समेत नौ लोगों के नाम तैयार चार्जशीट के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है।
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