सीबीआई ने रोटोमैक समूह के मालिक विक्रम कोठारी पर तीसरी एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर बैंक ऑफ इंडिया के 806 करोड़ रुपये से संबंधित है। इसमें भी सीबीआई ने विक्रम कोठारी की पत्नी साधना कोठारी व बेटे राहुल कोठारी को संयुक्त रूप से आरोपी बनाया है।
दोनों ही मैसर्स रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक थे। सीबीआई ने इससे पहले फरवरी 2018 में पहली और फरवरी 2020 में दूसरी एफआईआर दर्ज की थी। दरअसल बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2002 से इन्हें लोन देना शुरू किया था।
वर्ष 2015 में इनके खाते एनपीए होने लगे। इन्होंने लोन की रकम को अलग अलग फर्जी व्यवसाय में लगा दिखाया मगर कारोबार का कहीं अस्तित्व नहीं था। लोन की रकम का इन्हीं की बनाई अलग अलग कंपनियों में बंदरबांट किया गया।