उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुई 8000 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल फ्रास्ट इंटरनेशनल समूह के मालिक उदय देसाई व रोटोमैक समूह के राहुल कोठारी से सीबीआई की टीम ने जेल जाकर पूछताछ की।
राहुल से करीब चार घंटे और उदय देसाई से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद शहर में उनके बताए ठिकानों से कुछ दस्तावेज हासिल किए। सीबीआई टीम दो दिनों से शहर में डेरा जमाए है।
बताया जा रहा है कि सीबीआई ने एक बड़े बिल्डर और इनकी फर्मों का ऑडिट करने वाले एक चार्टर्ड एकाउंटेंट से भी घंटों पूछताछ की है। सूत्र बताते हैं कि बैंक के कुछ बड़े अफसर भी लपेटे में आने वाले हैं।
सीबीआई ने विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी पर अब तक तीन एफआईआर दर्ज की हैं। तीनों मामलों में एक साथ जांच चल रही है। बैंक धोखाधड़ी मामले में वित्त मंत्रालय के अधीन आता सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) भी जांच कर रहा है।
एसएफआईओ ने विक्रम कोठारी और उदय देसाई की कंपनियों से जुड़े लोगों, चार्टर्ड एकाउंटेंटों और बिल्डरों समेत कुल 69 लोगों को आरोपी बनाया है। उदय देसाई ,उनके बेटे सुजय देसाई व राहुल कोठारी जेल में हैं जबकि अन्य सभी आरोपी जमानत पर चल रहे हैं।