बलवीर मांझी की फाइल फोटो व घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस
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भट्ठा मजदूर की हत्या कर शव इटावा-बरेली हाईवे से दो सौ मीटर की दूरी पर बरसाना गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया गया। उसके गले में चुनरी का फंदा कसा था और नाक व कान से खून बहने के निशान थे। वह शनिवार रात आठ बजे संकिसा रोड स्थित भट्ठे से निकला था। उसके बाद वापस नहीं पहुंचा।
बिहार में जनपद नवादा के थाना कौवाकोल क्षेत्र के गांव बीझो निवासी ब्रह्मदेव मांझी का पुत्र बलवीर मांझी (34) कस्बा के संकिसा रोड स्थित ईंट भट्ठा पर मजदूरी करता था। परिजन के अनुसार व शनिवार रात करीब आठ बजे वहां भट्ठे से निकला था। उसके बाद वापस डेरे पर नहीं पहुंचा। रविवार सुबह करीब 11 बजे किसी ने बरसाना गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में शव पड़ा देखा। पुलिस ने मौके पर छानबीन की।
तलाशी में उसके पास से मिले आधार कार्ड से शिनाख्त हुई तो आसपास के भट्ठों पर सूचना दी गई। उसकी पत्नी व साला मौके पर पहुंचे। फाॅरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए। साले बबलू ने बताया कि बहनोई बलवीर की दिमाग हालत ठीक नहीं थी।
वह शराब पीकर अक्सर लोगों से गाली गलौज करता था। उसकी पत्नी रामरती व चार पुत्रियां हैं। वह परिवार के साथ आठ माह पहले बिहार से भट्ठे पर काम करने आया था। कार्यवाहक क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि हत्या कहीं और कर शव को यहां लाकर डाला गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होगी। परिजन और उसके संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।