अर्पित और दीपिका ने प्रदेश की हाईस्कूल परीक्षा में सातवां स्थान प्राप्त किया
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प्रदेश की हाईस्कूल परीक्षा की मेरिट में सातवां स्थान पाने वाला इटावा का छात्र अर्पित यादव आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनकर अपने किसान पिता का सपना पूरा करना चाहता है। खेती किसानी करने वाले उनके पिता सत्यवीर सिंह मूल रूप से ग्राम रजीतपुरा ग्राम पंचायत मूज के रहने वाले हैं। अपने बेटों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए शहर में नई मंडी के पास उन्होंने मकान बनवा रखा है।
सत्यवीर सिंह चाहते हैं उनका बेटा प्रशासनिक सेवा में जाकर देश और समाज की सेवा कर सके। अर्पित ने 600 में से 566 अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है कि गणित विषय उनका पसंदीदा है। वे गणित को सबसे आसान समझते हैं। यही कारण है कि उनका पढ़ाई का गणित भी कभी गड़बड़ता नहीं है। अपनी माता सुमन देवी जो गृहणी हैं और पिता सत्यवीर सिंह को अपना आदर्श मानने वाले अर्पित का कहना है कि पढ़ाई के लिए यह जरूरी नहीं है कि आप कितने घंटे पढ़ते हैं।
विषय को अच्छी तरह से समझने के साथ आवश्यकता इस बात की है कि आप उत्तर लिखते समय अपनी बात कितने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हैं। परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में प्रश्न का सलीके के साथ जवाब देना उन्होंने अपने स्कूल अर्चना मेमोरियल सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज के शिक्षकों से सीखा। घर में तीन चार घंटे से ज्यादा कभी पढ़ाई नहीं की। कोचिंग पर उन्हें ज्यादा विश्वास नहीं है। हां ऑनलाइन पढ़ाई के वे पक्षधर हैं।
बोले शिक्षण की यह विधा ठीक है। इसमे अभी बहुत कुछ सुधार की जरूरत है। ऑनलाइन पढ़ाई गरीब बच्चों तक कैसे पहुंचे सरकार को इस बारे में विचार करना चाहिए। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने भी फोन करके अर्पित को शुभकामनाएं दी।