यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 94.50 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश की दूसरी टॉपर बनी यशस्वी अब आगे की पढ़ाई के लिए चिंतित हैं। कहती हैं कि मेरी दो बड़ी बहनें भी अच्छे कॉलेज में पढ़ना चाहती थीं लेकिन पापा के पास पैसे नहीं थे। इसलिए दोनों फतेहपुर के ही एक कॉलेज में पढ़ने को मजबूर हो गईं। यशस्वी का कहना है कि मैं भी बड़ी होकर सेना में अफसर बनना चाहती हूं लेकिन पता नहीं आगे क्या होगा? मूल रूप से फतेहपुर के अमौली की रहने वाली यशस्वी ने परिणाम आने के बाद ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत की। बताया कि उनके पिता देवी प्रसाद खेती करके पूरे परिवार का खर्चा चलाते हैं। बड़ी बहन सौम्या और शिवानी दोनों ही बीएससी फाइनल ईयर में पढ़ रही हैं। 12वीं के बाद दोनों दिल्ली या बड़े शहर में जाकर पढ़ाई करना चाहती थीं लेकिन आर्थिक स्थितियों के चलते संभव न हो सका।
12 किलोमीटर दूर पढ़ने जाती हैं
यशस्वी बताती हैं कि उनके गांव के आसपास कोई अच्छा स्कूल नहीं है। इसके चलते उन्हें 12 किलोमीटर दूर जहानाबाद स्थित विकास विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पढ़ने जाना पड़ता है। यशस्वी कहती हैं कि वह रोजाना स्कूल के बाद 3-4 घंटे सेल्फ स्टडी करती हैं।
घरवालों का मिलता है साथ
यशस्वी बताती हैं कि उनके पिता भले ही किसान हैं लेकिन वह अपनी बेटियों को हर तरह का छूट देते हैं। यही कारण है कि भले ही पापा के पास पैसे नहीं है लेकिन उन्होंने बड़ी बहन सौम्या और शिवानी का दाखिला जहानाबाद के एक डिग्री कॉलेज करवाया है। मां सुधा देवी ग्रृहिणी हैं और बड़ा भाई एसएससी की तैयारी कर रहा है।
इंग्लिश और मैथ पसंदीदा सब्जेक्ट
यशस्वी को हिंदी में 94, मैथ्स में 93, इंग्लिश में 99, साइंस में 91, सोशल साइंस में 91 और कला में 99 अंक मिले हैं। कहती हैं कि उनका सबसे ज्यादा पसंदीदा सब्जेक्ट इंग्लिश और मैथ है। इन दोनों विषयों में पढ़ना उन्हें काफी अच्छा लगता है।
स्वच्छता और शिक्षा का करूंगी प्रचार
यशस्वी ने कहा कि वह ग्रामीणों में स्वच्छता और शिक्षा की अलख जगाना चाहती हैं। इसके लिए आगे प्रयास करेंगी। कहती हैं कि जबतक लोग साफ-सफाई नहीं रखेंगे तबतक गंदगी उन्हें बीमार करती रहेगी और शिक्षित न होने के चलते वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होंगे।
रिजल्ट देखते ही निकले आंसू
मुफलिसी के दौर में पढ़ाई कर हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली विकास विद्या मंदिर जहानाबाद की छात्रा यशस्वी की आंखों से रिजल्ट देखते ही खुशी के आंसू निकल आए। उसने सफलता का श्रेय परिजनों के साथ गुरुजनों को दिया है।
फोटो-18- हाईस्कूल की सेकंड टॉपर यशस्वी को मिठाई खिलाते पिता देवी प्रसाद। अमर उजाला