विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
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साथ ही इससे पार्टी की साख पर उठने वाले सवालों को लेकर भी कड़े तेवर दिखाए। इसके बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बृहस्पतिवार शाम यहां सेंगर को पार्टी से बर्खास्त किए जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने सेंगर को निष्कासित कर दिया है।
गौरतलब है कि दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर रविवार को उस समय पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया जब रायबरेली जेल में बंद चाचा से मिलने जा रही पीड़िता की कार की एक ट्रक से टक्कर हो गई। जिस ट्रक से टक्कर हुई उसकी नंबर प्लेट पर कालिख पुती हुई थी।
इसी के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया और पीड़िता तथा उसके परिवार की हत्या की साजिश के आरोप लगने लगे। इस मुद्दे पर लगातार घिरती जा रही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को यह कहकर कि सेंगर पहले ही पार्टी से निलंबित किए जा चुके हैं और निलंबित चल रहे हैं, इस मामले को शांत करने की कोशिश की। पर, यह सवाल उठने लगे कि आखिर भाजपा ने अब तक सेंगर के निलंबन की जानकारी क्यों नहीं सार्वजनिक की थी।
इस तरह फैसला
तब पार्टी हाईकमान ने बुधवार को अयोध्या दौरे पर गए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को दिल्ली तलब किया। प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल पहले से वहां थे। सुत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष ने पूरे मामले पर नाराजगी व्यक्त की और यह जानने की भी कोशिश की कि किन कारणों से सेंगर का निलंबन अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया था।
साथ ही पार्टी के कुछ बड़बोले नेताओं को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई। प्रदेश नेतृत्व ने भविष्य में इस तरह के मामले में त्वरित और कठोर निर्णय की हिदायत देते हुए सेंगर को बरखास्त करने का फैसला सुना दिया।
कानपुर में ये बोले थे स्वतंत्र देव सिंह
उन्नाव दुष्कर्म कांड के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भाजपा तभी पार्टी से बर्खास्त करने का फैसला लेगी जब उन पर लगे आरोप साबित हो जाएंगे। फिलहाल उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को महानगर आए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने यह बताया।
उन्होंने कहा कि कुलदीप को बर्खास्त नहीं किया गया, सिर्फ निलंबन हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित लोगों के साथ है। सही तरीके से जांच हो, इसी वजह से केस सीबीआई के हवाले किया गया है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह बेवजह हो हल्ला मचा रही है। पीड़ित पक्ष की मांग पर योगी सरकार ने तत्काल सीबीआई को मामला सौंप दिया। उन्होंने कहा, जल्द ही प्रदेश भर में जल को लेकर अभियान शुरू किया जाएगा।