उत्तर प्रदेश के कानपुर में फर्जी जमानतगीरों का बड़ा गिरोह सक्रिय है। ये लोग फर्जी कागजात लगाकर शातिर अपराधियों को भी जेल से रिहा करा रहे हैं। दो साल में 225 अपराधी फर्जी जमानत पर बाहर हो गए। इनमें 127 तो ऐसे हैं, जिन पर गैंगस्टर लग चुका है।
दरअसल 17 जनवरी 2018 को 80 करोड़ के पुरानों नोटों के साथ पुलिस ने स्वरूपनगर के आनंद खत्री, नजीराबाद के मोहित ढींगरा, कल्याणपुर के संतोष यादव, आंध्रप्रदेश के राजेश्वर व अली हुसैन, लखनऊ हसनगंज के अनिल यादव समेत 16 लोगों को जेल भेजा था।
ये लोग पुराने नोट बदलवाने की फिराक में थे। पिछले दिनों पता चला कि अनिल यादव समेत कई आरोपी फर्जी जमानतों पर रिहा हो चुके हैं। जमानत लेने वालों ने पहचान पत्रों में फर्जीवाड़ा किया। नाम किसी का और फोटो किसी की लगाई।
वाहनों के जो दस्तावेज लगाए वे किसी और के निकले। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में पत्र भेजकर दो सालों (2019 और 20) में जमानत पर छूटे अपराधियों का विवरण मांगा। जांच में पता चला कि 225 अपराधियों की फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमानत ली गई। इनमेें हत्या के भी दो आरोपी हैं।
जमानत लेने वाले और जमानत दिलाने वालों पर केस दर्ज कर सभी को जेल भेजा जाएगा। दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अनिल कुमार, एसपी पश्चिम