जंगल में पड़ा मिला मां का शव
उनके साथ भाई बिंदा प्रसाद भी गया था। बिंदा प्रसाद करीब एक घंटे बाद जंगल से अकेला घर आ गया। मां नहीं आईं। देर रात तक जब मां घर नहीं लौटीं, तो उनकी तलाश शुरू की गई। रातभर तलाश करने के बाद भी सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में मां का शव पड़ा मिला।
शरीर पर चोट के निशान के साथ गले में भी निशान
मौके पर पहुंचे, तो देखा मां के शरीर पर चोट के निशान के साथ गले में भी निशान था। बिंदा प्रसाद शव मिलने के बाद से लापता है। घटना की सूचना पर पुलिस ने फील्ड यूनिट टीम के साथ जांच की और शव का पोस्टमार्टम कराया। उसमें गला दबाकर हत्या करने के साथ मारपीट के चोटों के निशान मिले हैं।
जेवर और रुपयों को लेकर हत्या
रामकेशन ने बताया कि आरोपी भाई बिंदा प्रसाद की शादी हो चुकी है। उसकी पत्नी संगीता, बेटा कृष्णा और बेटी जाह्नवी है। कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि जेवर और रुपयों को लेकर हत्या करने की बात सामने आई है। मृतका के बेटे रामकेशन की तहरीर पर आरोपी बिंदा प्रसाद के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
चार बेटे होने के बाद भी दुश्वारियों भरा जीवन जी रही थीं रामदुलारी
चार बेटे होने के बाद भी रामदुलारी अकेली रहती थीं। पड़ोस में ही चारों बेटे अपने-अपने परिवार के साथ रहते हैं लेकिन वृद्ध मां को कोई भी खाना नहीं देता था। वह खुद ही खाना बनाकर खाती थीं। बेटे रामकेशन के मुताबिक मां के पास बहुत कुछ नहीं था।
बच्चों और बहुओं की बातें न सुननी पड़ें
चांदी के कुछ जेवर और बमुश्किल दो से चार हजार रुपये होंगे। बच्चों और बहुओं की बातें न सुननी पड़ें। इस कारण वह खुद अपना सब काम करती थीं। उसके बाद भी बेटे बिंदा प्रसाद ने उन्हें नहीं छोड़ा। खुद कमाने के बजाय मां के पास जो था उसे हड़पने के लिए मां को मौत के घाट उतार दिया।