बेटे ने घटना की जानकारी दी तो कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस से शिकायत करने से नाराज ससुरालीजनों ने उसे पीटा और घर के कमरे में बंद कर दिया। वह किसी तरह जान बचाकर बेटे को लेकर मायके बांगरमऊ आई। यहां उसने डीएम, एसपी और बाल संरक्षण अधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया। पुलिस पहले घटनास्थल लखनऊ बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से टालमटोल करती रही।
लेकिन बाल संरक्षण अधिकारी ने एसपी व अन्य अधिकारियों से बात की, तब पुलिस ने पति बद्री विशाल, सास गिरजा, देवर आकाश, ननद दीपशिखा और अदिति के खिलाफ मारपीट और देवर के खिलाफ बच्चे से कुकर्म की रिपोर्ट दर्ज की। कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के आधार पर धाराएं घटाई-बढ़ाई जा सकती हैं।