छोटे भाई शशांक तिवारी ने बताया कि शुक्रवार देर शाम सत्यम दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहा था। वह सकहन राजपूतान-अतहा मार्ग पर फाजिलपुर गांव के पास पहुंचा था, तभी विपरीत दिशा से आ रही बाइक से उसकी आमने-सामने टक्कर हो गई।
दूसरी बाइक पर मरौंदा गांव निवासी विजेंद्र (18) पुत्र रामशंकर और सुमित (18) पुत्र रामअवतार सवार थे। टक्कर में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सफीपुर पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने सत्यम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, विजेंद्र और सुमित की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हादसे की जानकारी मिलते ही सत्यम की मां नीलम, छोटा भाई शशांक और विवाहित बहनें प्रतीक्षा, मानसी और राधा सीएचसी पहुंचीं। सत्यम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। कोतवाली प्रभारी संदीप मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राखी बांधने का इंतजार करती रह गईं बहनें
सत्यम की बहन प्रतीक्षा ने बताया कि रक्षाबंधन पर तीनों बहनें मायके आई थीं। सत्यम सुबह ही दुकान के लिए निकल गया था, इसलिए छोटे भाई शशांक को राखी बांध दी थी। बहनों को सत्यम के दुकान से लौटने का इंतजार था, ताकि उसे भी राखी बांध सकें।
प्रतीक्षा ने बताया कि घर में राखी और रोचना की थाली सजी रखी थी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि भाई लौटकर नहीं आएगा। रक्षाबंधन के दिन हुए हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। भाई की मौत के बाद तीनों बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।