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उन्नाव दुष्कर्म कांड: जानलेवा हमले के बाद गवाह ने दरोगा पर लगाया धमकाने का आरोप, सीएम से की शिकायत

Sun, 24 Nov 2019 01:40 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव दुष्कर्म कांड में विधायक कुलदीप सेंगर पर आरोप लगाने वाली युवती - फोटो : सोशल मीडिया
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे में प्रमुख गवाह नवाबगंज के पूर्व ब्लाक प्रमुख पर शुक्रवार दोपहर हुए जानलेवा हमले की घटना में शनिवार को नया मोड़ आ गया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख का आरोप है कि देर रात रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच कर रहे दारोगा ने शनिवार दोपहर मेडिकल कराने के बहाने उसे थाने बुलाया।
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ट्रक मालिक और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर उन पर सुलह का दबाव बनाया। इनकार करने पर अभद्रता की गई। पीड़ित ने जन सुनवाई पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री से शिकायत कर न्याय और सुरक्षा की मांग की है। शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे साथी के साथ उन्नाव आते समय गौरा कठेरवा निवासी नवाबगंज के पूर्व ब्लाक प्रमुख अवधेश प्रताप सिंह की कार में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर एक  खाली ट्रक ने टक्कर मार दी थी।

कुलदीप सिंह सेंगर - फोटो : amar ujala
इससे कार डिवाइडर पर चढ़कर फंस गई थी। पूर्व ब्लाक प्रमुख का आरोप है कि चालक ने दोबारा टक्कर मारने का प्रयास किया। तब तक वह और कार चला रहा जमानतगीर कार से कूद गए थे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख के मुताबिक वह रायबरेली जिले के गुरुबक्श गंज में 28 जुलाई को दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए रहस्यमय सड़क हादसे में गवाह हैं। उनके साथ कार में एक मुकदमे में पीड़ित चाचा की जमानत लेने वाला भी था।

आरोप है कि विधायक पक्ष के लोग उन्हे पीड़िता व उसके चाचा की मदद न करने के लिए कई बार धमकी दे चुके हैं। न मानने पर हमला किया गया। शनिवार देर रात पुलिस ने हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की। शनिवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने अजगैन थाने के एक दारोगा पर दुर्घटनाग्रस्त कार को थाने में दाखिल करने और वादी होने के कारण मेडिकल कराने की बात कहकर थाने बुलाया। इसके बाद सुलह के लिए धमकाने का आरोप लगाया।

 
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कुलदीप सेंगर - फोटो : amar ujala
पीड़ित ने जन सुनवाई पोर्टल पर मुख्यमंत्री, आईजी और डीआईजी को शिकायती पत्र भेजकर न्याय व सुरक्षा की गुहार लगाई है। कहा है कि दरोगा,  ट्रक मालिक और उसके साथ आए 10-15 लोगों ने मुकदमे में सुलह का दबाव बनाया। इनकार करने पर दारोगा के इशारे पर ट्रक मालिक व उसके साथियों ने अभद्रता की और थाने में ही जान की धमकी दी। उसने बहाने से थाने से निकलकर खुद को बचाया।

एसओ अजयराज वर्मा ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख को मेडिकल के लिए बुलाया गया था। उन्होंने उन्हे कोई चोट न होने की बात कहकर मेडिकल कराने से मना कर दिया। उस वक्त थाने में मौजूद ट्रक के मालिक ने घटना को सामान्य दुर्घटना बताते हुए मांफी मांगी। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ट्रक मालिक पर भड़क गए। उसे अपशब्द कहने लगे। दरोगा ने थाने  में इस तरह की वार्ता न करने की बात कही। एसओ ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख के आरोपों को निराधार बताया है। एसओ के मुताबिक मेडिकल न कराने का तस्करा जीडी में दर्ज कर लिया है।
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