कानपुर हैलट में भर्ती किशोरी तीन दिन से नहीं बोली
किशोरी की तीसरे दिन भी हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। वह अभी भी बोल नहीं पा रही है। गुरुवार को डॉक्टरों ने एमआरआई कराई है। डॉक्टरों के अनुसार किशोरी की हालत अब पहले से बेहतर है।
पिता बोले बिटिया की जिंदगी की चिंता
हैलट में बेटी की देखभाल कर रहे पिता ने फोन पर बताया कि दरोगा को लाइन हाजिर कर देने भर से उसकी बिटिया को इंसाफ नहीं मिलेगा। अगर बेटी मर जाती तब वह क्या करता। अभी तो बेटी के ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी मिलने का इंतजार है। इस दौरान आरोपी युवक व पुलिस कर्मियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वह पुलिस के उच्चाधिकारियों के पास भी जाएगा।
लगातार सुर्खियों में रहे चौकी इंचार्ज
लाइन हाजिर किए गए चौकी इंचार्ज राजेश मिश्र हमेशा चर्चा में रहे। उनकी इसी तरह की हरकतों के चलते निकाय चुनाव संपन्न कराने तक नवाबगंज चौकी इंचार्ज का प्रभार इंस्पेक्टर दुर्गादत्त सिंह को सौंप दिया था। चुनाव के बाद फिर इन्हें चौकी प्रभारी बनाया था।
मेज के नीचे रखते थे पीटने वाला पट्टा
नवाबगंज चौकी इंचार्ज राजेश मिश्रा अपनी मेज के नीचे एक लकड़ी का हत्था लगा पट्टा रखते थे। किसी भी मामले में कोई आरोपी चौकी पहुंचता तो उसे 20 से 25 पट्टे जरूर लगवाते। उनकी पट्टा कार्यशैली की कस्बे में चर्चा रहती थी।