ऑटो-रिक्शा पर 10 से ज्यादा तो टेंपो पर 16 से ज्यादा सवारियां ढोना आम बात है। क्षमता से अधिक सवारियां ढोने से कई बार हादसा हो चुका है। फिर भी प्रशासन की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जाती है। एक दिन पहले ही तिर्वा रोड पर हुए हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी।
ऐसे में एक बार फिर से प्रशासन की टीम सक्रिय हुई। गुरुवार को ट्रैफिक प्रभारी एसआई आफाक खान की अगुआई में जगह-जगह चेकिंग की गई। इस दौरान बिना दस्तावेज के फर्राटा भरते मिले तिपहिया वाहनों का चालान किया गया।
क्षमता से अधिक सवारियां ढोती मिलने पर तीन ऑटो-रिक्शा को सीज भी कर दिया गया। हैरानी यह कि शहर के एक हिस्से में अभियान चलता रहा, तो दूसरे हिस्से में क्षमता से अधिक सवारियां भी ढोई जाती रहीं। इतने बड़े हादसे के बाद भी लोगों में सुधार नहीं हैं।
हादसे में घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज, एक लखनऊ रेफर
बुधवार को तिर्वा-कन्नौज रोड पर डंपर की जद में आने से जो ऑटो-रिक्शा हादसे का शिकार हुआ था, उसमें सवार घायलों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। दो की पहले ही दिन मौत हो गई थी। ड्राइवर सहित नौ लोगों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को एक युवक को लखनऊ रेफर कर दिया गया।
डंपर का अगला टायर फटने से हुए हादसे में ऑटो सवार 11 सवारी घायल हो गई थीं। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सिकरोरी गांव निवासी सूरज पुत्र राम कुमार की हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया है। दूसरे आठ घायलों की हालत में सुधार है। उन सभी का इलाज चल रहा है।