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उन्नाव: 80 छात्रों को अलग कक्ष में बैठाने पर भड़के, ओएमआर शीट फाड़ी, सीसीटीवी के तार नोचे, तोड़फोड़

Sat, 17 Jul 2021 01:20 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव के चकलवंशी में विश्वविद्यालय परीक्षाओं के पहले दिन केशव प्रसाद महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर छात्रों को अलग कमरे में परीक्षा दिलाने से अन्य छात्र भड़क गए। पर्यवेक्षकों से नाराज छात्रों ने ओएमआर शीट फाड़ने के साथ खिड़की के शीशे तोड़ दिए। परीक्षा की निगरानी के लिए लगे सीसीटीवी के तार भी नोच डाले।
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स्थिति यह हो गई कि पर्यवेक्षकों ने कमरे में बंद होकर जान बचाई। प्राचार्या की सूचना पर पुलिस के साथ एसडीएम मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने छात्रों की बात सुनने के बाद पर्यवेक्षकों से बात की। पर्यवेक्षकों ने कुलपति से बात कर दोबारा परीक्षा कराए जाने का लिखित आश्वासन दिया। तब हंगामा शांत हुआ। मिर्जापुर कला गांव में संचालित केशव प्रसाद महाविद्यालय में शिवशंकर सिंह शिवराम सिंह महाविद्यालय, अमरनाथ महाविद्यालय व राम भरोसे महाविद्यालय के 420 परीक्षार्थियों की परीक्षा थी।

यहां विश्वविद्यालय से डॉ. धर्मेंद्र पांडेय व बीपी सिंह पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए थे। दूसरी पाली में बीए तृतीय वर्ष के छात्रों का हिंदी साहित्य का पेपर था। छात्राें का कहना था कि 11 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन पर्यवेक्षकों ने 11:15 बजे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए और निर्धारित समय 12:30 बजे पेपर बंद कर दिया। इस दौरान एक पर्यवेक्षक 80 छात्रों से ओएमआर शीट न लेकर दूसरे कक्ष में बैठाकर परीक्षा दिलाने लगे और अन्य छात्रों को बाहर जाने के लिए कहा। इससे छात्र भड़क गए। 
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प्राचार्या उपमा पांडेय की सूचना पर एसडीएम प्रदीप वर्मा व पुलिस कॉलेज पहुंची और हंगामा कर रहे छात्रों से वार्ता की। एसडीएम ने पर्यवेक्षकों से बात कर दोबारा परीक्षा कराए जाने की बात कही। विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारी से बात कर पर्यवेक्षकों ने दोबारा परीक्षा कराने का लिखित आश्वासन दिया। 

प्राचार्य बोलीं, पर्यवेक्षकों ने की अनियमितताएं 
प्राचार्य उपमा पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय से आए पर्यवेक्षकों ने अनियमितता बरती। परीक्षा के समय सीसीटीवी का नंबर मांगने लगे। कैमरे को हिलाया जाता तो कनेक्टिविटी गड़बड़ हो जाती। इससे परीक्षा लेट हुई। बाद में परीक्षार्थियों को समय भी नहीं दिया गया। इससे माहौल बिगड़ा। 

मामला मेरी जानकारी में आया है। उस केंद्र पर दोबारा परीक्षा कराने या न कराने का फैसला पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा। 

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डॉ. अनिल कुमार यादव, कुलसचिव, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय   

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