कोरारी टोल से पहले सड़क पर पानी भरा नजर आया
किलोमीटर संख्या 55.4 और 56 के बीच अड़ेरुवा गांव के पास भी दो जगह सड़क में पानी भरने की समस्या नजर आई। वहीं, लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन में भी किलोमीटर संख्या 58.3 और कोरारी टोल से एक किमी पहले सड़क पर पानी भरा नजर आया। यहां से निकलते समय तेज रफ्तार वाहनों की रफ्तार पानी से निकलने के दौरान खिंचाव से परेशानी हुई।
बारिश की वजह से बड़ा रेन कट हो गया
किलोमीटर संख्या 64.5 कोरारी रेलवे पुल के अंडरपास के लखनऊ से कानपुर लेन पर सड़क और पुल के बीच करीब दो फीट सड़क दब गई। निर्माण एजेंसी पीएनसी के कर्मचारी मरम्मत कराते नजर आए। आटा गांव के सामने लखनऊ से कानपुर लेन पर बारिश की वजह से बड़ा रेन कट हो गया। यहां भी कंक्रीट भरकर मरम्मत की गई।
गंगा एक्सप्रेसवे की नाली में आई दरार
मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 421 पर बनी नाली में ढाली गई आरसीसी में बुधवार को पांच मीटर लंबी दरार आ गई। इससे नाली के बह जाने का खतरा बढ़ गया। पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के मैनेजर आरएस मिश्रा ने बताया कि भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे पर टोल के पास क्षतिग्रस्त हुई सड़क की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है।
कोई भी एक्सप्रेसवे हो, पहली बारिश में इस तरह की समस्याएं आती हैं। पूरे एक्सप्रेसवे की कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। जहां पर थोड़ी भी समस्या नजर आती है। फील्ड में काम कर रहीं 10 मोबाइल टीमों को मैसेज देकर अधिकतम एक घंटे में मरम्मत करा दी जाती है। यह प्रक्रिया दिन-रात चल रही है। एक्सप्रेसवे के रखरखाव की जिम्मेदारी अगले 15 साल तक की है, जहां पर जो भी समस्या होगी उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा। -विजय एस कुंडू, मैनेजर पीएनसी