भाजपा विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशाेरी
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उन्नाव से भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशाेरी के चाचा पर हत्या के प्रयास का मामला विचाराधीन था। न्यायालय ने हत्या के प्रयास के मुकदमे में आरोपी किशोरी के चाचा को शनिवार को दोषी करार दिया। सजा के लिए 2 जुलाई को सुनवाई होगी। वहीं आरोपी चाचा के वकील अब उच्च न्यायालय में अपील करने की बात कह रहे हैं।
वर्ष 2000 मेें जून महीने में ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने किशोरी के पिता व दोनों चाचा के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा माखी थाने में दर्ज कराया था। मुकदमे में न्यायालय ने दो किशोरी के पिता व छोटे चाचा (अब मृतक) को दोष मुक्त कर दिया था जबकि चाचा फरार चल रहा था। न्यायालय ने आरोपी चाचा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
वर्ष 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा विधायक के भाई ने किशोरी के चाचा पर दर्ज कराई थी रिपोर्ट
बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
इस पर 14 साल बाद नवंबर 2018 में तत्कालीन एसपी हरीश कुमार के निर्देश पर तत्कालीन माखी थाना एसओ दिनेश चंद्र मिश्रा ने चाचा को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। मौजूद समय में चाचा रायबरेली जेल में बंद है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे किशोरी के चाचा को रायबरेली पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची।
फास्ट्र ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रहलाद टंडन के न्यायालय में दोनों पक्षों की बहस में अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामजीवन यादव, अवधेश सिंह, राजेश त्रिपाठी व हरीश अवस्थी वहीं बचाव पक्ष से अजेंद्र अवस्थी, अशोक द्विवेदी व महेंद्र सिंह ने बहस की। दोनों पक्षों की बहस और दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने किशोरी के चाचा को दोषी करार दिया है।
न्यायाधीश ने सजा की अवधि तय करने के लिए दो जुलाई की तिथि तय की है। बचाव पक्ष के वकील अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध अब उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।