कानपुर। मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर अलार्म लगाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। बजट में प्रावधान के बाद रेलवे बोर्ड ने 25 मार्च को अलार्म बनाने का काम आईआईटी कानपुर को सौंपा है। यह रिसर्च प्रोजेक्ट पांच महीने में पूरा करना है। आईआईटी को अलार्म का प्रोटोटाइप (मॉडल) बनाकर देना है। इसके बाद रेलवे इसका निर्माण कराकर सभी मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर लगवाएगा।
देश में करीब 17000 मानवरहित रेलवे क्रासिंग हैं। कई बार ये हादसों का कारण बनती हैं। इसको देखते हुए ही रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अलार्म लगवाने का ऐलान किया था। अलार्म आईआईटी कानपुर के मुख्य इंजीनियर बीएम शुक्ला को बनाना है। उनका कहना है कि प्रोटोटाइप अलार्म बनाया जा रहा है। यह बहु उपयोगी है। सेंसरनुमा अलार्म रेलवे इंजन और मानवरहित क्रासिंग के पास लगाए जाएंगे। क्रासिंग से ट्रेन के दो किमी के दायरे में पहुंचते ही अलार्म बजने लगेगा। ट्रेन के गुजर जाने के बाद ही अलार्म बंद होगा। इससे दुर्घटना में कमी आएगी।
आईआईटी के हिस्से एक और उपलब्धि
आईआईटी ने नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स का काम अभी पूरा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लांचिंग के बाद इसका इस्तेमाल कानपुर सहित देश के 10 शहरों में किया जा रहा है। 56 और शहरों की एयर क्वालिटी की जांच भी जल्द इसी प्रोजेक्ट से होगी। यह प्रोजेक्ट आईआईटी के रिसर्च में मील का पत्थर साबित होगा। अब रेलवे के अलार्मिंग सिस्टम का प्रोजेक्ट मिला है। इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।