कानपुरः विश्वविद्यालय परीक्षा में अभी तक पेपर आउट होने की जितनी भी घटनाएं सामने आई हैं वह सभी ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्र के ही हैं। पहले से ही विश्वविद्यालय और कई कॉलेज के शिक्षक ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्र पर सवाल खड़े कर चुके हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन अपना बोझ हल्का करने के लिए ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्रों की संख्या लगातार बढ़ाते जा रहा है। यहां तक कि विज्ञान और गणित जैसे विषयों में भी ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्र लागू कर दिए गए हैं जिसे सॉल्व करने के बाद ही छात्र की बौद्घिक क्षमता का आकलन किया जा सकता है। ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्र में सिर्फ टिक लगाकर उत्तर दिया जाता है जो आसानी से हो जाता है। इसलिए ऐसे पेपर आउट करके जल्दी आसंर मंगा लिए जाते हैं।
18 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा
शुक्रवार को विश्वविद्यालय में बीए, बीएससी, बीकॉम के कुल 18737 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। मीडिया प्रभारी प्रो. संजय स्वर्णकार ने बताया कि शुक्रवार की परीक्षाओं के लिए कुल 271307 छात्र पंजीकृत थे। नकल करते हुए एक छात्र को पकड़ा गया।
इलाहाबाद में मोबाइल समेत पकड़े जा चुके हैं छात्र
दो दिन पहले ही इलाहाबाद के बृजराज गर्ल्स डिग्री कॉलेज में विश्वविद्यालय मॉनिटरिंग कमेटी ने दस मोबाइल के साथ कई छात्रों को पकड़ा। ये छात्र ओएमआर शीट को व्हाट्सएप के जरिए बाहर भेजते थे और उसे हल करवाकर वापस मंगवा लेते थे। इन छात्रों की ओएमआर शीट को जब्त करके सील किया जा चुका है।