यूपी के हरदोई जिले में बोर्ड परीक्षा में प्रश्नपत्र के बंडल गायब होने के बाद अब विश्वविद्यालय की परीक्षा के भी प्रश्नपत्र गायब हो गए। विश्वविद्यालय के निर्देश पर ईमेल से मंगाई गई प्रश्नपत्र की फोटो कापी से दो घंटे बाद परीक्षा शुरू की गई। इस पर विद्यार्थियों ने जमकर हंगामा काटा। परीक्षा केेंद्र पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहक के विरुद्ध केेंद्राध्यक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिले में बोर्ड परीक्षा के दौरान एक प्रश्नपत्र का बंडल गायब हो गया था। जिसका आज तक सुराग नहीं लगा है। इस मामले में डीआईओएस को निलंबित कर दिया गया था और छह लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। अब विश्वविद्यालय परीक्षा में लापरवाही दिखाई दी। शनिवार की तृतीय पाली में बीएससी प्रथम वर्ष की वनस्पति विज्ञान का पेपर था। प्रश्न पत्रों का वितरण नोडल सेंटर से किया जाता है।
जगदेव सिंह महाविद्यालय अतरौली परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र लेने के लिए नोडल सेंटर दिव्यनंद महाविद्यालय से लिपिक रामपाल गया था। उसने नोडल सेंटर से दोपहर एक बजकर 50 मिनट पर पेपर लिए और झोले में डाल कर चल दिया। उसने महाविद्यालय पहुंच कर केंद्राध्यक्ष संतोष पाठक को जानकारी दी कि प्रश्नपत्र रास्ते में कहीं गिर गए। बंडल में 125 प्रश्नपत्र थे। केंद्राध्यक्ष की ओर से 3.56 बजे नोडल सेंटर को जानकारी दी गई। जिस पर नोडल सेंटर प्रभारी राजेश गुप्ता ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को जानकारी दी।
परीक्षा नियंत्रक के निर्देश पर उन्होंने दूसरी सीरीज का प्रश्नपत्र महाविद्यालय को उपलब्ध कराया। महाविद्यालय में 125 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे थे। ई मेल से मंगाए प्रश्नपत्र की फोटो कापी कराई गईं। नोडल सेंटर के अनुसार महाविद्यालय में 5.56 मिनट पर परीक्षा शुरू हो सकी। विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा केंद्रों को दो घंटें का अतिरिक्त समय दिया गया। सूचना केंद्राध्यक्ष की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई।
एसडीएम संडीला आशीष कुमार सिंह ने केंद्राध्यक्ष को संबंधित लिपिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इस पर केंद्राध्यक्ष की ओर से थाने में तहरीर दी गई। महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक अन्य महाविद्यालय के भी परीर्थी परीक्षा दे रहे है। परीक्षा शुरू न होने पर उन लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। दूसरे महाविद्यालय के शिक्षक उनको लेकर बाहर आ गए। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और विद्यार्थियों को समझाबुझा कर वापस परीक्षा केंद्र में भिजवाया।
संवेदनशील नहीं है केंद्राध्यक्ष
विश्वविद्यालय की परीक्षा के लिए केंद्राध्यक्ष गंभीर नहीं दिख रहे। प्रशभन पत्र को बगैर सुरक्षा के लिए ही एक लिपिक से साइकिल से मंगाए जा रहे हैं। इससे कभी भी रास्ते में प्रशभन पत्र गायब हो सकते हैं। यह एक महाविद्यालय की नहीं लगभग हर महाविद्यालय की दशा है।