गोविंद नगर सीटीआई चौराहे पर गिरा यूनीपोल।
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कानपुर। शनिवार रात तूफान में शहर में कई यूनीपोल, होर्डिंग सड़क पर और बिजली के तारों पर गिरे। शुक्र है कि हादसा रात एक बजे के बाद हुआ जब सड़कें खाली थीं, इससे कोई हताहत हीं हुआ। हालांकि पिछले सोमवार को आए तूफान में यूनीपोल गिरने से तीन लोग चुटहिल हुए थे। अब सवाल यह है कि राहगीरों की सुरक्षा की अनदेखी कर शहर भर में जगह-जगह ये यूनीपोल और होर्डिंग लग कैसे गए। इनमें से ज्यादातर अवैध हैं और नगर निगम आंख मूंदे है।
नगर निगम विज्ञापन विभाग के रिकार्ड के अनुसार शहर में 176 कैंटीलीवर, यूनीपोल, गैंट्री और 900 होर्डिंग वैध हैं। वहीं, जबकि शहर में इनकी संख्या आठ से 10 हजार है। इसके पीछे विज्ञापन माफियाओं का संजाल सक्रिय है। नगर निगम के अफसरों और कर्मचारियों से मिलीभगत करके करोड़ों के वारे - न्यारे कर रहे हैं। इसकी नजीर गोल चौराहा, माल रोड, कल्याणपुर, पनकी, चकेरी और बाईपास आदि जगहों पर देखने को मिल सकती है। इन स्थलों पर मानकों की धज्जियां उड़ाती प्रचार की सामग्री लोगों की जान के लिख खतरा भी बनी हुई है। 23 मई को आई तेज आंधी के दौरान अफीमकोठी चौराहे पर गैंट्री (गेटनुमा विज्ञापन पट) और शुक्रवार को देर रात आई आंधी में सीटीआई चौराहे पर यूनीपोल सड़क पर गिर गया। उधर, नगर निगम अफसरों का कहना है कि इस तरह के किसी भी विज्ञापन पट के गिरने से जन या संपत्ति की हानि होने पर संबंधित विज्ञापन एजेंसी को हर्जाना देना पड़ेगा।