कानपुर देहात। एक अच्छे प्रशिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए आपको अपने अंदर धैर्य से सुनने, व्यक्तित्व विकास करने, विषय वस्तु पर पकड़, समय प्रबंधक और तकनीकी रूप से सक्षम होना पड़ेगा। ये बातें डायट पुखरायां में चल रहे प्रशिक्षण के चौथे दिन कुशल प्रशिक्षक की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों से कही।
उन्होंने शिक्षा को बेहतर बनाने पर जोर दिया। कहा कि बच्चों को जितना अभ्यास कर पढ़ाया जाएगा उन्हें उतनी ज्यादा समझ होगी। एसआरजी अजय कुमार गुप्ता ने आकलन पर चर्चा करते हुए कहा कि कक्षा शिक्षण के बाद किए गए आकलन में अपेक्षित परिणाम न मिलने पर शिक्षक को अपनी विधियों में परिवर्तन करना आवश्यक हो जाता है। आकलन के परिणाम बच्चों के मूल्यांकन के साथ-साथ शिक्षक द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों का भी मूल्यांकन है।
एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने अंग्रेजी भाषा की एनसीईआरटी आधारित वर्तमान सत्र से कक्षा तीन में पढ़ाई जाने वाली संतूर से परिचय कराते हुए उसकी विषय वस्तु की विशेषताओं का वर्णन किया। प्रथम संस्था से जिला समन्वयक दुर्गा प्रसाद तिवारी और संदीप यादव ने कक्षा चार और पांच में भाषा और गणित के लिए तैयार की गई शिक्षा संदर्शिका पर चर्चा की। यहां डायट मेंटर अरुण कुमार, मोहम्मद इमरान, विपिन शांत, प्रशिक्षक अमित तिवारी, अल्पना चौरसिया, आदित्य त्रिपाठी, अजय सिंह आदि रहे।