सैफई (इटावा)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे स्थित मुहाटी गांव के समीप मंगलवार सुबह को कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर दूसरी लेन में पहुंच गई। दूसरी लेन में कार की भीषण टक्कर दूसरी कार से हो गई। हादसे में दूसरी कार में सवार दो दोस्तों की मौत हो गई जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यूपीडा टीम ने घायलों को सैफई आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती कराया।
मंगलवार को भगवती सोनी शर्मा (32) पुत्र राधेश्याम निवासी ग्राम कुंदराज थाना कुंदराज, जिला गुना, मध्य प्रदेश लखनऊ से आगरा जा रहे थे। उनके साथ भतीजी सीमा शर्मा (28) और उनके पिता अनिल कुमार शर्मा (54) भी कार में सवार थे। तीनों आपस में रिश्तेदार हैं। सभी लोग मथुरा के गोवर्धन रोड स्थित राधा इन्क्लेव आश्रम जा रहे थे। सुबह करीब छह बजे कार जैसे ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे किलोमीटर संख्या 104 के पास स्थित मुहाटी पहुंची, तभी भगवती सोनी को झपकी आने से कार अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते कार डिवाइडर से टकराकर दूसरी लेन में आगरा से लखनऊ जा रही दूसरी कार से जा टकराई।
दूसरी कार में सवार देवेंद्र कुमार मौर्य (40) पुत्र भानु प्रताप सिंह, निवासी चायगंज छप्पर तल्ला, थाना महानगर, लखनऊ व राजवीर (25) कुमार पुत्र गोविंद सिंह, निवासी एकनाथ मंदिर, फैजुल्लागंज, मुबारकपुर, सीतापुर रोड, लखनऊ और उनके दोस्त रजत कुशवाहा (24) पुत्र राजेंद्र सिंह कुशवाहा, निवासी अमरस कोरारी कला, उन्नाव मौजूद थे। हादसा इतना जबरदस्त था कि दूसरी कार के परखच्चे उड़ गए।
दूसरी कार में सवार राजवीर कुमार और रजत कुशवाहा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि देवेंद्र मौर्य, भगवती सोनी, सीमा शर्मा और अनिल शर्मा घायल हो गए। घायलों को यूपीडा टीम ने सैफई में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और यूपीडा के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ सैफई रामदवन मौर्य ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि चार घायल हैं। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने बताया कि दोनों कारों को एक्सप्रेसवे से हटाकर यातायात को बहाल कराया गया।
हादसे में जान गंवाने वाले रजत कुशवाहा निजी कंपनी में कार्यरत थे जबकि राजवीर कुमार की कार रिपेयरिंग की दुकान है। दोनों की दोस्ती करीब 10 साल पुरानी थी। दोनों अक्सर एक साथ यात्रा करते थे। किसी को क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी की अंतिम यात्रा साबित होगी। उनके मौत ही खबर ही सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई।