‘गंगा को पूरी तरह स्वच्छ और निर्मल बनाने में अभी सात साल का वक्त और लगेगा। जिसका पहला फेज दो साल में पूरा होगा। गंगा सबसे ज्यादा कानपुर में ही प्रदूषित हैं। इसलिए सभी को मिलकर यह कलंक धोना है।’
ये बातें शनिवार को सर्किट हाउस में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने निर्मल गंगा अभियान के तहत संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कही। इसके साथ ही वह 45 दिनों में नालों को बंद करने के बयान से भी मुकर गईं।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए जो भी तकनीक और जरूरी संसाधन हैं, वे सब जुटा लिए गए हैं। सिर्फ नालों को ट्रीट करने के लिए जगह तलाश करनी है। जिससे काम शुरू किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया भर में गंगा को लेकर जो भी चर्चा होती है, वह कानपुर पर आकर रुक जाती है।
कहा जाता है कि गंगा सबसे ज्यादा प्रदूषित इसी शहर में हैं। इसलिए हम सभी को यह कलंक धोना है। सबसे पहले सीसामऊ नाले को गंगा से दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रशासन, केडीए और नगर निगम को निर्देश दे दिया गया है।
एक दो दिन में अधिकारियों की ओर से स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। पिछली बार उमा भारती ने 45 दिन में गंगा में गिरने वाले सभी नालों को बंद करने की बात कही थी। लेकिन सर्किट हाउस में उमा भारती ने कहा कि उन्होंने नालों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी।
उन्होंने बताया कि कानपुर में गंगा में गिरने वाले कुल 23 नालों को ट्रीटमेंट प्लांट के दायरे में लाना है। सीसामऊ समेत चार नालों से शुरुआत होगी। इसको ट्रीट करने के बाद यह नाला कानपुर में गंगा स्वच्छ मिशन का आइना बनेगा। उमा भारती ने कहा कि अविरल गंगा अभियान भी चलाया जाएगा। इसके लिए उनका मंत्रालय प्रोजेक्ट तैयार कर चुका है। कुछ ही दिन में इसे पर्यावरण मंत्रालय को दिया जाएगा।