लैब में रखी सलेक्ट्रा बायो कैमिस्ट्री जांच मशीन।
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डेरापुर। सीएचसी डेरापुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में महीनों से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। फिल्म व डेवलपर न होने से एक्स-रे नहीं हो पा रहा है। वहीं अन्य जांचों की सुविधा भी नहीं मिल रही है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
ब्लाॅक के 55 गांवों के लोगो अस्पताल में इलाज को पहुंचते हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें, इसके लिए सीएचसी को अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, सीबीसी, सलेक्ट्रा बायोकेमिस्ट्री, इलेकरानी यूरिन मशीन आदि उपलब्ध कराई गई हैं। मगर इनमें कई सेवाएं सिर्फ दिखावा साबित हो रही हैं।
पिछले 10 दिन से फिल्म व डेवलपर न होने से एक्सरे नहीं हो रहे हैं। वहीं, अल्ट्रासाउंड मशीन भी पांच माह से बंद रखी है। सलेक्ट्रा बायोकेमिस्ट्री मशीन के इंस्टाल न होने और टेक्नीशियन की कमी के चलते उसे भी संचालित नहीं कराया जा सका है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
अल्ट्रासाउंड संंचालन का मामला दिशा की बैठक में भी उठाया गया। इस पर जल्द प्रशिक्षित डॉक्टर व रेडियोलॉजिस्ट तैनात कर सुविधा शुरू कराने की स्वास्थ्य अधिकारियों ने बात कही थी। मगर अभी तक यहां यह सुविधा शुरू नहीं हो सकी। अल्ट्रासाउंड के लिए यहां से मरीजों को अन्य अस्पताल भेजा जाता है। वहीं, डॉक्टर की सलाह पर कुछ मरीज निजी केंद्रों का रुख करते हैं। इससे उनकी जेब भी ढीली हो रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड संचालन को लेकर कवायद चल रही है। जल्द ही इसे संचालित कराया जाएगा। एक्स-रे फिल्म व डेवलपर की मांग की गई है।