कानपुर। देश को आत्मनिर्भर बनाने की कड़ी में आईआईटी कानपुर में बने टेक्नोपार्क में अब अनमैंड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) का परीक्षण किया जाएगा। 50 करोड़ की लागत से विकसित इस टेक्नोपार्क में यूएएस के सभी 18 परीक्षण किए जाएंगे। यह अमेरिकी सैन्य मानकों के स्तर की टेस्टिंग सुविधाएं प्रदान करेगा।
इस केंद्र में यूएएस के अलावा डिफेंस से जुड़े अन्य हथियारों के परीक्षण की भी सुविधा मिलेगी। इसकी शुरुआत चार साल पहले उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी और आईआईटी कानपुर के बीच हुए समझौते के तहत हुई है। संस्थान में परीक्षण केंद्र स्थापित होने से देशभर के स्टार्टअप व कंपनियां अपने नवाचार का परीक्षण कर सकेंगे। केंद्र में आर्द्रता परीक्षण, हवा का दबाव, थर्मल शॉक परीक्षण, वर्षा परीक्षण, बिजली आपूर्ति भिन्नता परीक्षण, नेविगेशन और संचार परीक्षण, विनाश क्षमता परीक्षण, व्यापक-श्रेणी स्कैनिंग क्षेत्र, वर्षा के दौरान उपकरणों की जांच आदि प्रमुख परीक्षण होंगे।
आईआईटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक व यूएएस टेस्टिंग फाउंडेशन के निदेशक प्रो. अभिषेक ने बताया कि केंद्र में एक किलोमीटर लंबा रनवे भी तैयार किया गया है। यह देश का एकमात्र ऐसा सेंटर होगा जहां हवाई प्रणालियों के परीक्षण के लिए ईएमआई-ईएमसी (विद्युत चुंबकीय हस्तक्षेप और विद्युत चुंबकीय संगतता) की सुविधा भी रहेगी। इसका उद्देश्य डिफेंस कॉरिडोर में स्थापित डिफेंस सेक्टर की कंपनियों को बढ़ावा देने के साथ देश को आत्मनिर्भर बनाना है। संस्थान नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज (एनएबीएल) से सर्टिफिकेशन भी प्राप्त कर लेगा।